चीन छोड़ रहीं अमेरिकी कंपनियों के लिए इन्वेस्टमेंट हब हो सकता है भारत: अमेरिकी राजदूत
राजदूत के तौर पर कामकाज संभालने के बाद अपने पहले नीतिगत भाषण में जस्टर ने भारत के लिए ट्रंप प्रशासन के अजेंडे को रखा।


नई दिल्ली : अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने भारत को अमेरिकी कारोबारों के लिए 'ऑलटरनेटिव इन्वेस्टमेंट हब' बताते हुए गुरुवार को कहा कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को 'अग्रणी महाशक्ति' के रूप में देखता है। राजदूत के तौर पर कामकाज संभालने के बाद अपने पहले नीतिगत भाषण में जस्टर ने भारत के लिए ट्रंप प्रशासन के अजेंडे को रखा। अमेरिकी राजदूत जस्टर ने कहा कि कई अमेरिकी कंपनियों ने चीन में कारोबार करने में बढ़ती मुश्किलों की बात की है। उस हिसाब से कुछ कंपनियां वहां अपने कामकाज को कम कर रही हैं, वहीं अन्य कई कंपनियां बड़ी दिलचस्पी से वैकल्पिक बाजारों की ओर देख रही हैं। ऐसे में भारत एक अच्छा वैकल्पिक निवेश हब बन सकता है।

उन्होंने कहा, 'भारत व्यापार और निवेश के जरिए रणनीतिक अवसर का लाभ उठा सकता है और भारत-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी कारोबार के लिए वैकल्पिक हब बन सकता है।' जस्टर ने कहा कि ट्रंप का चुनावी नारा 'अमेरिका फर्स्ट' और भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना 'मेक इन इंडिया' असंगत नहीं हैं। जस्टर ने कहा, 'मैं इस बात को और आगे बढ़ाते हुए यह सुझाव देना चाहता हूं कि हमें आर्थिक संबंधों पर भी वैसा ही 'रणनीतिक लेंस' लगाने की जरूरत है, जैसा कि अभी रक्षा संबंधों के साथ हुआ।' 

जस्टर ने कहा कि अमेरिका भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत को 'अग्रणी महाशक्ति' मानता है। उन्होंने कहा, 'अभी भारत चार बहुस्तरीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं में से दो में सदस्यता का लाभ उठा रहा है। इनमें दोहरे इस्तेमाल वाले पदार्थों पर वासेनार व्यवस्था और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था हैं।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि आने वाले भविष्य में भारत रासायनिक और जैविक हथियारों पर ऑस्ट्रेलिया समूह में शामिल होगा। और हम भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में सदस्यता दिलाने के लिए उसके और हमारे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।' हालांकि उन्होंने अमेरिका भारत के साथ व्यापार में सतत कमी को लेकर भी चिंता जताई। 

जस्टर ने कहा, 'हमारे विचार से, पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार पीएम मोदी को भारत की दीर्घकालिक विकास दर को निरंतर तरीके से सुधारने के प्रयास में तेजी लाने में मदद करेगा।' जस्टर ने बीते दिनों वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी की गई ईज ऑफ बिजनस डुइंग इंडेक्स का भी जिक्र किया और भारत की इस इंडेक्स में रैंक सुधरने पर खुशी जताई। जस्टर ने कहा, 'भारत का इस तरह आगे बढ़ना प्रेरणादायक है।' 

जस्टर ने कहा, 'निश्चित रूप से, हमे अभी और लंबा रास्ता तय करना है। इसके लिए हमें और जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। लेकिन हमें अपने ट्रेड पॉलिसी फॉरम का इस्तेमाल रचनात्मक ढंग से करने की जरूरत है। व्यावसायिक वार्ता को बेहतर करने, समझ बढ़ाने और आत्मविश्वास बनाए रखने से ही समस्याओं का हल हो सकता है।' 

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