आसान हुए ई-वे बिल नियम, ई-कॉमर्स-FMCG कंपनियों को राहत
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मुंबई, ई-वे बिल के नियमों को आसान कर सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी है. नए फैसले के तहत अब ई-वेल बिल के छूट दायरे को 10 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया है. साथ ही, ई-कॉमर्स, एफएमसीजी और कोरियर कंपनियों की भी बड़ी राहत दी गई हैं.सरकार ने बिल में बदलाव कर नोटिफाई कर दिया है, जिसमें सामान भेजने के लिए जारी होने वाली इलेक्‍ट्रॉनिक रसीद बनाने के लिए जॉब-वर्कर्स की नियुक्ति की भी इजाजत दे दी है. आपको बता दें कि एक अप्रैल से 50 हजार रुपए से अधिक का सामान दूसरे राज्‍य में भेने पर इलेक्‍ट्रॉनिक वे यानी ई-वे बिल को जरूरी कर दिया गया है.

क्या है ई वे बिल-जीएसटी लागू होने के बाद 50 हजार रुपए या ज्यादा के माल को एक राज्य से दूसरे राज्य या राज्य के अंदर 50 किलोमीटर या अधिक दूरी तक ले जाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट की जरूरत होगी.इस इलेक्ट्रॉनिक बिल को ही ई वे बिल कहते हैं, जो जीएसटीएन नेटवर्क के अंतर्गत आता है.

नए नियम में कहा गया है कि ई-वे बिल की वेलिडिटी उस दिन आधी रात तक ही रहेगी, जो पहले 24 घंटे तक की थी. यानी कि यदि ई-वे बिल 8 मार्च को शाम तीन बजे 100 किलोमीटर के लिए कटा है तो मार्च 9 की आधी रात तक यह बिल वेलिड रहेगा.

टैक्‍स कसंलटैंसी फर्म पीडब्‍ल्‍यूसी ने कहा कि सरकार के इस कदम से कोरियर, ई-कॉमर्स कंपनी आदि को बड़ी राहत मिली है. उनका पेपर वर्क काफी कम हो जाएगा. सरकार को इंटर-स्‍टेट कंसाइनमेंट भेजने पर भी यह छूट देनी चाहिए.

नए नियम से एफएमसीजी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने ई-वे बिल बनाते वक्‍त केवल टैक्‍सेबल सप्‍लाई की कीमत को ही मानने की इजाजत दे दी है. बेशक वह सामान छूट वाला हो या टैक्‍सेबल गुड्स की सप्‍लाई की जा रही हो. इसका मतलब यह है कि यदि एक ट्रक पर ऐसे फूड प्रोडक्‍ट्स जिन पर जीएसटी लगता है और दूसरे आइटम जैसे दूध पर टैक्‍स नहीं लगता है, ले जाए जा रहे हैं तो केवल फूड प्रोडक्‍ट्स की कीमत को ही ई-वे बिल में मेंशन किया जाएगा.

इसके अलावा, छोटे बिजनेस करने वालों को भी राहत दी गई है, जो एक ही राज्‍य में सामान 50 किलोमीटर के दायरे में इधर से उधर भेजते हैं, उन्‍हें व्‍हीकल की डिटेल नहीं देनी होगी. जबकि अब तक यह छूट केवल 10 किलोमीटर तक की थी.


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