ईरान से तेल का आयात दोगुना करेगाभारत : सूत्र
प्रतिबंधों से पहले ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर था और एक बार फिर धीरे-धीरे भारत में अपने मार्केट शेयर को बढ़ा रहा है।


नई दिल्ली : सरकारी रिफाइनरीज 2018-19 में ईरान से तेल आयात को करीब दोगुना करने पर विचार कर रही हैं। तेहरान से मिल रहे आकर्षक ऑफर की वजह से यह फैसला लिया गया है और इससे विश्व के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश को आपूर्ति में ईरान की हिस्सेदारी बढ़ेगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी है। 

ईरान एशिया में अपने ग्राहकों को बनाए रखने पर जोर दे रहा है और इसके लिए वह सऊदी अरब सहित अन्य मध्य पूर्वी से बेहतर ऑफर दे रहा है। वह अमेरिकी प्रतिबंध के गहराने की संभावना के बावजूद ऐसा कर रहा है।

तेहरान ने हाल ही में भारतीय कंपनियों के लिए किराये में छूट को भी बढ़ाया है। भारत चीन के बाद उसका दूसरा सबसे बड़ा तेल ग्राहक है। 

पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर दो सूत्रों ने बताया कि इस वित्त वर्ष में मार्च 2019 तक, सरकारी रिफाइनरीज इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन, मेंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ईरान से हर दिन 3,96,000 बैरल प्रति दिन आयात करने पर विचार कर रही हैं। इन सभी रिफाइनरीज ने पिछले वित्त वर्ष में ईरान से करीब 205,600 बैरल प्रति दिन आयात किया। 

प्रतिबंधों से पहले ईरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर था और एक बार फिर धीरे-धीरे भारत में अपने मार्केट शेयर को बढ़ा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब और इराक के बाद वह तीसरा सबसे बड़ा सप्लायर बन चुका है। 

आधिकारिक आंकड़े 2017-18 के लिए मौजूद नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल 2017 से फरवरी 2018 के बीच ईरान भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रहा, जबकि इराक ने सऊदी अरब को पीछे छोड़ते हुए पहले स्थान पर कब्जा कर लिया। 

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने फरवरी में ईरानी समकक्ष से मुलाकात के बाद नई दिल्ली में कहा था कि ईरान ने शर्तों को मधुर बनाया है और सरकारी रिफानरीज इस वित्त वर्ष में खरीद में वृद्धि करेंगी। 

सूत्र ने कहा, 'ईरान अन्य उत्पादकों की तुलना में बेहतर शर्तों के साथ तेल दे रहा है। ईरान का क्रूड हमारे योग्य है।' 

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