मुकेश और नीता अंबानी ने ईशा-आनंद को दिया 'स्पेशल कार्ड', देखिए क्या लिखा
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नई दिल्ली: बिजनेस टायकून मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की बेटी ईशा की शादी पीरामल ग्रुप के मालिक अजय पीरामल और स्वाति पीरामल के बेटे आनंद से होगी. दोनों साल के अंत में शादी के बंधन में बंधेंगे. रविवार को आनंद ने ईशा को प्रपोज किया. दोनों के परिवार ने सहमति जताई और महाबलेश्वर में एक साथ लंच किया. इसके बाद मुंबई के इस्कॉन मंदिर में दोनों ने पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया. लेकिन, अंबानी परिवार के लिए यह पल बेहद खास था. उन्होंने अपनी बेटी और दामाद के लिए एक स्पेशल कार्ड तैयार किया और दोनों को बधाई दी.

क्यों स्पेशल है कार्ड
मुकेश अंबानी के परिवार के सभी सदस्यों ने एक कार्ड में ईशा और आनंद की तस्वीर फ्रेम कराई. इस तस्वीर के ऊपर एक मैसेज लिखा- 'सुंदर जोड़े को बधाई'. इस कार्ड में परिवार के हर सदस्य का नाम लिखा है. नीता अंबानी, मुकेश अंबानी के अलावा श्लोका मेहता, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी का नाम है. मतलब यह पूरे परिवार की तरफ से ईशा-आनंद को दिया गया है. 

करोड़ों की मालकिन हैं ईशा अंबानी
ईशा अंबानी का नेट वर्थ 100 मिलियन डॉलर यानी करीब 668 करोड़ रुपए है. ईशा अंबानी जब 16 साल की थीं, तभी उनका नाम फोर्ब्स की टॉप 10 करोड़पति उत्तराधिकारी की लिस्ट में दूसरे स्पॉट पर शामिल किया गया. तब उस उम्र में वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में 80 मिलियन डॉलर के शेयर्स की मालकिन बन गई थीं.

कौन हैं आनंद पीरामल
आनंद पीरामल कॉरपोरेट जगत के दिग्गज अजय पीरामल और स्वाति पीरामल के बेटे हैं. 33 वर्षीय आनंद यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया से इकोनॉमिक्‍स में स्नातक हैं. वह इस वक्‍त पीरामल एंटरप्राइजेज में एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर के पद पर हैं. उन्‍होंने हार्वर्ड बिजनेस स्‍कूल से बिजनेस एडमिनिस्‍ट्रेशन में मास्‍टर्स किया है. आनंद ग्रुप के रियल एस्टेट बिजनेस को देखते हैं और वह रणनीतिक और विकास मामलों में शामिल हैं. पीरामल ग्रुप ज्वाइन करने से पहले, आनंद ने दो स्‍टार्टअप शुरू किए थे. पहला पीरामल ईस्‍वास्‍थ्‍य जो कि रूरल हेल्‍थकेयर स्‍टार्टअप है और दूसरा पीरामल रियल्‍टी. आनंद इंडियन मर्चेंट चैंबर- यूथ विंग के सबसे युवा प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. 

मुकेश अंबानी ने दी थी टिप्स
हाल ही में आनंद ने अपने होने वाले ससुर मुकेश अंबानी को उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करने पर धन्यवाद दिया था. मुंबई में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं कंसल्टिंग या बैंकिंग क्षेत्र में से मुझे किसे चुनना चाहिए? इस पर उन्होंने कहा, ‘कंसलटेंट बनना क्रिकेट देखने या क्रिकेट के बारे में कमेंट्ररी करने जैसा होता है, जबकि उद्यमी बनना क्रिकेट खेलने जैसा होता है. आप कमेंट करके क्रिकेट कैसे खेलते हैं, इसके बारे में नहीं जान सकते. यदि आप कुछ करना चाहते हैं तो उद्यमी बनिए और उसकी शुरुआत अभी से करें." 


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