यह कार्ड बस-ऑटो-मेट्रो के साथ देश भर में टोल-पार्किंग का भी करेगा भुगतान
परियोजना का उद्देश्य भविष्य में एनसीएमसी को डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करने की सुविधा से लैस करना है।


नई दिल्ली : देश के सभी महानगरों में मेट्रो रेल, लोकल बस और ऑटो-टैक्सी आदि सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों के किराये का भुगतान एक ही कार्ड से करने की सुविधा में टोल टैक्स और पार्किंग के भुगतान को भी शामिल कर लिया गया है। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने ‘नैशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (एनसीएमसी) से मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा करते हुए टोल प्लाजा और पार्किंग एजेंसियों से इस कार्ड को अपनी ऑनलाइन भुगतान सेवा से जोड़ने को कहा है। 

आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में इस परियोजना की समीक्षा बैठक में एनसीएमसी की सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए संबद्ध प्राधिकरणों से इस कार्ड को जल्द से जल्द भुगतान सेवा से जोड़ने को कहा है। परियोजना से जुड़े मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती चरण में एनसीएमसी का उपयोग मेट्रो रेल परियोजनाओं से जुड़े सभी स्मार्ट शहरों में किया जाएगा। प्रयोग के रूप में फिलहाल दिल्ली और कोच्चि में मेट्रो रेल और लोकल बस में एक ही कार्ड से किराये का भुगतान किया जा रहा है। 

डेबिट कार्ड जैसा इस्तेमाल 
परियोजना का उद्देश्य भविष्य में एनसीएमसी को डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करने की सुविधा से लैस करना है। इससे कार्डधारक सार्वजनिक परिवहन के साधनों के किराये, टोल टैक्स, पार्किंग और सामान्य खुदरा खरीददारी का भुगतान भी इससे कर सकेंगे। इसे लागू करने के लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी), सीडेक, एनपीसीआई, भारतीय मानक ब्यूरो और वित्त मंत्रालय के विशेषज्ञों की एक समिति ने दुनिया भर में प्रचलित ‘कॉमन कार्ड’ के मॉडल का अध्ययन कर भारत में ‘ईएमवी ओपन लूप कार्ड’ अपनाने का सुझाव दिया है। 

मुंबई को भी मंजूरी 
एनपीसीआई और सीडेक द्वारा विकसित प्रणाली से एनसीएमसी के इस्तेमाल को दिल्ली और कोच्चि के अलावा मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु और अहमदाबाद में लोकल बस और मेट्रो प्राधिकरणों ने लागू करने की मंजूरी दे दी है। सभी शहरों में इस्तेमाल हो सकने वाले कार्ड तैयार हैं। टोल प्लाजा और पार्किंग का संचालन करने वाली एजेंसियों को इसे अपनी ऑनलाइन भुगतान सेवा से जोड़ना है। 

किसने किया काम 
देश भर में मेट्रो, बस, ऑटो-टैक्सी के साथ ही टोल और पार्किंग का भी करेगा भुगतान। एनसीएमसी को लागू करने के लिए मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर सितंबर, 2015 में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को स्थानीय परिवहन सेवा के लिए पूरे देश में एक ही भुगतान कार्ड को विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। सॉफ्टवेयर कंपनी सीडेक को देश भर में मेट्रो रेल किराया वसूली की स्वचालित प्रणाली विकसित करने का जिम्मा दिया गया था। 

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