RBI ने महंगा किया कर्ज, अब बढ़ जाएगी आपकी होम-ऑटो लोन की EMI
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नई दिल्ली, रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला किया है. रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.50 फीसदी कर दी है. वहीं, रिवर्स रेपो रेपो रेट 6 फीसदी से बढ़कर 6.25 फीसदी हो गई है. इससे आपके होम और ऑटो लोन की ईएमआई बढ़ सकती है. आपको बता दें कि जून में में भी आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. इस बढ़त के साथ रेपो रेट 6.25 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई थी.

RBI का फैसला-रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.50 फीसदी कर दी है. रिवर्स रेपो रेपो रेट 6 फीसदी से बढ़कर 6.25 फीसदी हो गई है. मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) रेट और बैंक रेट 6.75 फीसदी हो गई है.

क्यों बढ़ाई ब्याज दरें-आबीआई द्वारा जारी बयान के मुताबिक, रेपो रेट में यह बढ़ोतरी को मौजूदा अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए की गई है. इस बदलाव के बाद होम लोन सहित लगभग सभी तरह के लोन महंगे होने की संभावना है.

क्यों बढ़ेगी आपकी EMI- इस फैसले के बाद बैंक की कॉस्ट ऑफ फंडिग बढ़ सकती है. इसीलिए बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं. आपको बता दें कि 30 जुलाई को एसबीआई ने ब्याज दरें 0.05 फीसदी से 0.10 फीसदी बढ़ा दी है. इसीलिए माना जा रहा है कि होम, ऑटो और पर्सनल लोन की EMI बढ़ सकती है.

RBI ने कहा
>> आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है.
>> आरबीआई के मुताबिक अप्रैल-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 फीसदी रहने का अनुमान है.
>> जुलाई-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है.
>> अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान है.
>> मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर को होगी।

रेपो रेट- रोजमर्रा के कामकाज के लिए बैंकों को भी बड़ी-बड़ी रकमों की ज़रूरत पड़ जाती है, और ऐसी स्थिति में उनके लिए देश के केंद्रीय बैंक, यानी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कर्ज लेना सबसे आसान विकल्प होता है.इस तरह के ओवरनाइट ऋण पर रिजर्व बैंक जिस दर से उनसे ब्याज वसूल करता है, उसे रेपो रेट कहते हैं. 

रिवर्स रेपो रेट- जैसा इसके नाम से ही साफ है, यह रेपो रेट से उलट होता है.जब कभी बैंकों के पास दिन-भर के कामकाज के बाद बड़ी रकमें बची रह जाती हैं, वे उस रकम को रिजर्व बैंक में रख दिया करते हैं, जिस पर आरबीआई उन्हें ब्याज देता है. अब रिजर्व बैंक इस ओवरनाइट रकम पर जिस दर से ब्याज अदा करता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं. 


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