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दुनिया के इन 7 देशों में मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी, जानकर रह जाएंगे हैरान
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शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो अच्छी सैलरी पाना नहीं चाहता. इस दुनिया में जितने लोग नौकरी कर रहे हैं, वे सब उस जगह जाना चाहते हैं, जहां उन्हें अच्छा पैकेज मिले. अगर आप भी अच्छे पैकेज की इच्छा रखते हैं और दुनिया में कहीं भी काम करने को तैयार हैं तो आइए हम आपको बताते हैं दुनिया के उन मुल्‍कों के बारे में जहां काम करने वालों को सबसे अच्‍छी सैलरी दी जाती है. ये लिस्ट 2016 के आंकड़ों पर आधारित है.

अमेरिका: दुनिया में सबसे अधिक सैलरी देने वालेे मुल्‍कों में अमेरिका सबसे ऊपर है. अमेरिका में 31.6 फीसदी टैक्‍स देने के बाद एक व्‍यक्ति को साल में औसतन कम से कम 41,355 डॉलर सैलरी मिल जाती है.

लक्‍जमबर्ग: लिस्‍ट में दूसरे नंबर पर लक्‍जमबर्ग है. लक्‍जमबर्ग को पूरे यूरोप में आर्थिक केंद्र के तौर पर जाना जाता है. लक्‍जमबर्ग को पूरे यूरोप में स्‍टील उपलब्‍ध के लिए भी जाना जाता है. लक्‍जमबर्ग में एक व्‍यक्ति को 38,951 डॉलर का सालाना भुगतान बतौर सैलरी किया जाता है. यह सैलरी व्‍यक्ति को तब मिलती है जब उसकी मूल सैलरी से 37.7 फीसदी टैक्‍स काट लिया जाता है.

नॉर्वे: नॉर्वे को दुनिया के सबसे धनी देशों में एक माना जाता है. इसका मुख्‍य कारण उसके पास मौजूद नेचुरल रिसोर्सेेेज हैं. नॉर्वे में तेल, हाइड्रोपॉवर, फिशिंग और मिनरल अधिक मात्रा में पाए जाते हैं. नॉर्वे में लोगों को जो सैलरी मिलती है, उसका 37 फीसदी टैक्‍स काट लिया जाता है. इसके बाद उन्‍हें सालाना औसतन 33,492 डॉलर सैलरी मिलती है. इसके अलावा यहां पर अतिरिक्‍त घंटे काम करने पर अलग से पैसों का भुगतान होता है.

स्विट्जरलैंड: स्विट्जरलैंड को दुनिया के सबसे उम्‍दा देशों में एक माना जाता है. यह सरकारी पारदर्शिता, जीवन की गुणवत्‍ता, आर्थिक और मानव विकास के लिए जाना जाता है. स्विट्जरलैंड में एक व्‍यक्ति की औसत इनकम सालाना 33,491 डॉलर है. साथ ही वहां पर सप्‍ताह में काम करने का समय भी निर्धारित है और वहां काम करने वालों को अधिकतम 35 घंटे ही सप्‍ताह में काम करना होता है.

ऑस्‍ट्रेलिया: ऑस्‍ट्रेलिया को दुनिया में ऑयल और मिनरल का सबसे बड़े निर्यातक देश माना जाता है. ऑस्‍ट्रेलिया में औसतन एक व्‍यक्ति को सालाना 31,588 डॉलर सैलरी मिलती है. यह सैलरी 27.7 फीसदी टैक्‍स काटने के बाद दी जाती है. ऑस्‍ट्रेलिया में हर सप्‍ताह में 36 घंटे काम करना होता है.

जर्मनी: जर्मनी में औसतन कम वेतन इसलिए भी मिलता है, क्‍योंकि जर्मनी के लोग अपनी सैलरी पर 49.8 फीसदी टैक्‍स देते हैं. पूरे यूरोप में जर्मनी सबसे शक्तिशाली देशों में से एक है. जर्मनी में औसतन सैलरी सालाना 31,252 डॉलर है.

ऑस्ट्रिया: किसी देश को अपने लोगों को कितना महत्‍व देना चाहिए, इसका सबसे अच्‍छा उदाहरण ऑस्ट्रिया है. ऑस्ट्रिया में उच्‍च स्‍तर की इंडस्‍ट्री काम करती है. ऑस्‍ट्रिया में लोगों को टैक्‍स काटने के बाद सालाना औसतन 31,173 डॉलर का भुगतान किया जाता है. ऑस्ट्रिया में भी इनकम टैक्‍स और सोशल सिक्‍योरिटी कॉनट्रिब्‍यूशन के लिए 49.4 फीसदी टैक्‍स देना होता है.

कनाडा: सऊदी अरब के बाद दुनिया में अगर सबसे ज्‍यादा कहीं ऑयल रिजर्व है तो वह है कनाडा. कनाडा के पास जिंक, यूरेनियम, गोल्‍ड, निकेल, एल्‍युमिनियम का भी बड़ा भंडार है. कनाडा में टैक्‍स कटने के बाद औसतन सालाना सैलरी 29,365 डॉलर है. यहां पर 31 फीसदी टैक्‍स कटता है. कनाडा में एक सप्‍ताह में 36 घंटे काम करना होता है.

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