इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से आपको होंगे ये फायदे, जानें यहां!
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इनकम टैक्स की बेसिक छूट सीमा से ऊपर कर योग्य (Taxable) सैलरी कमाने वालों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य है, भले ही डिडक्शन (निवेश पर मिलने वाली छूट) के बाद आपकी टैक्स देनदारी जीरो क्यों न हो. हम आपको बता रहे हैं कि ITR फाइल करने के क्या फायदे हैं.

व्हीकल और होम लोन
जब आप किसी व्हीकल लोन (दो पहिया या चार पहिया) के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक आपसे टैक्स रिटर्न की कॉपी मांग सकते हैं. SBI व्हीकल लोन के लिए आवेदन करने वालों से हालिया सैलरी स्लिप, TDS सर्टिफिकेट/फॉर्म 16, पिछले दो वित्त वर्ष के ITR की कॉपी मांगता है. इसके अलावा, ITR रिसीट की कॉपी उस समय काम आती है, जब आपका लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दिया जाता है या आपको मनमाफिक लोन नहीं मिलता है.

गवर्नमेंट टेंडर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है और उसके तहत वह किसी सरकारी टेंडर के लिए आवेदन करता है तो उन्हें पिछले पांच सालों की टैक्स रिटर्न रिसीट दिखानी होगी. सरकारी विभाग टैक्स रिटर्न रिसीट देखकर आपके फाइनेंशियल स्टेटस को जानता है. साथ ही यह पता करता है कि आप पेमेंट संबंधी जरूरतें पूरी कर पाएंगे या नहीं.

अपना बिजनेस करना
बिजनेसमैन, कंसल्टेंट्स और पार्टनर्स ऑफ फर्म्स को फॉर्म 16 नहीं मिलता है. ऐसे में उनके लिए ITR रिसीट और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है.

रिफंड क्लेम करना
अगर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से रिफंड लेना है तो रिटर्न फाइल करना होगा. रिटर्न फाइल किए बिना आप रिफंड क्लेम नहीं कर सकते हैं.

नुकसान को अगले वित्त वर्षों में ले जाना
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करेंगे तो आप अपने कैपिटल लॉस (शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म) को कैरी फारवर्ड (आगे के फाइनेंशियल ईयर में ले जाना) नहीं कर पाएंगे.

वीजा प्रोसेसिंग
अगर आप विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो फॉरेन कंसुलेट्स वीजा इंटरव्यू के समय आपसे पिछले कुछ सालों की ITR रसीदें मांगेंगे. कुछ दूतावास तो पिछले तीन सालों की ITR रिसीट मांग सकते हैं. जबकि कुछ हाल के सर्टिफिकेट मांग सकते हैं.

ऊंचा लाइफ कवर खरीदना
इन दिनों 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लाइफ कवर खरीदना सामान्य बात हो गई है. हालांकि, यह लाइफ कवर आपको अपने ITR डॉक्यूमेंट्स के आधार पर मिलते हैं, जिसमें आपकी सालाना इनकम को वैरिफाई किया जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां, खासतौर से LIC आपसे तीन सालों की ITR रिसीट मांगती है, अगर आप 50 लाख या इससे ज्यादा की टर्म पॉलिसी खरीदते हैं.

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