अमेरिकी कंपनियों अमेजन-वॉलमार्ट को भारत में तगड़ा झटका, आज से नहीं दे पाएंगे बड़ा डिस्‍काउंट!
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अमेरिकी कंपनियों अमेजन और वॉलमार्ट को भारत में बड़ा झटका लगा है. भारत सरकार ने ऑनलाइन सेल को लेकर नए नियमों को लागू करने की तारीख को आगे बढ़ाने से इनकार कर‍ दिया है. मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कस्टमर्स को भारी छूट दिये जाने के खिलाफ घरेलू कारोबारियों की आपत्तियों के मद्देनज़र ये फैसला लिया है.

इसका मतलब है कि ऐसी कोई भी इकाई जिनके ऊपर ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी का नियंत्रण हो या उनके भंडार में ई-कामर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी की हिस्सेदारी हो तो वह इकाई संबंधित ऑनलाइन मार्केट प्लेस (मंच) के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकेगी. नए नियमों से घरेलू कारोबारियों को फायदा होगा. माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से छोटे व्यापारियों को फायदा होगा.

बता दें कि भारत में दो बड़े ऑनलाइन शॉपिंग प्‍लेटफॉर्म अमेजन और फ्लिपकार्ट हैं. फ्लिपकार्ट का स्‍वामित्‍व अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट के पास है.

सरकार की ओर से जारी नए नियमों के मुताबिक, कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म सप्लायर को खास रियायत नहीं दे सकता है. ऐसे में कैशबैक, एक्सक्लूसिव सेल या किसी पोर्टल पर एक ब्रैंड के लॉन्च, अमेज़न प्राइम और फ्लिपकार्ट एश्योर्ड जैसी डील्स या किसी तरह की खास सेवा देने में अब कंपनियों को परेशानी हो सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए नियमों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को किसी भी तरह के पक्षपात से मुक्त करना है.

दिसंबर के अंत में सरकार ने इन नियमों का खुलासा किया था. ई-कॉमर्स वेबसाइट पर कोई एक वेंडर कितना सामान बेच सकता है, इसकी भी सीमा तय की गई है. साथ ही अब से किसी एक ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म पर कोई सामान एक्‍सक्‍लूसिव नहीं बिक पाएगा.

सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का परिचालन करने वाली कंपनियों में शत-प्रतिशत विदेशी हिस्सेदारी की छूट दे रखी है पर नियम के अनुसार वे माल की इन्वेंट्री (खुद का स्टाक) बना कर उसकी बिक्री अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं कर सकतीं है.

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