नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! ग्रेच्युटी की सीमा बढ़कर हुई 20 लाख, जानें इससे जुड़ी सभी बातें
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वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतिम बजट में वेतनभोगियों को बड़ी खुशखबरी दी है. गोयल ने ग्रेच्युटी भुगतान सीमा को 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब यह है कि अब लगभग पांच साल के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर अधिकतम 20 लाख रुपये कर दिया गया है.

आपको बता दें कि ग्रेच्युटी आपकी सैलरी का वो हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्प्लॉयर आपकी साल की सेवाओं के बदले देता है. ग्रेच्युटी वो लाभकारी योजना है, जो रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा है, और नौकरी छोड़ने या खत्म हो जाने पर कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा दिया जाता है. ऐसे कर्मचारी की सेवा को पांच साल की अनवरत सेवा माना जाता है, और आमतौर पर पांच साल की सेवाओं के बाद ही कोई भी कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बनता है.

सवाल: कब मिलता है ग्रेच्युटी का पैसा?
जवाब: ग्रेच्युटी भुगतान, 1972 अधिनियम के मुताबिक संगठित क्षेत्र की जिस कंपनी में 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हों, तो वहां ग्रेच्युटी देनी होती है. ग्रेच्युटी आपकी सैलरी का हिस्सा होती है. कोई भी कंपनी अपने एम्प्लाई को सालों तक की सर्विस के बदले देती है. ग्रेच्युटी का फायदा रिटायरमेंट के दौरान मिलता है. वहीं, 5 साल की नौकरी के बाद भी इसका फायदा लिया जा सकता है.

नियम के मुताबिक,  ग्रेच्युटी के लिए किसी नौकरी को लगातार 4 साल, 10 महीने और 11 दिन तक करना जरूरी है. 5 साल की सर्विस के बाद कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बन जाता है. यदि इससे कम समय में ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी.

सवाल: कितनी रकम मिलेगी ये कैसे तय होगा?
जवाब: एक्सपर्ट्स बताते हैं कि  एक्ट के तहत आने वाले इम्पलॉई के लिए ग्रेच्युटी निकालने के लिए फॉर्मूला है.

>> यह फॉर्मूला है: (15 X पिछली सैलरी X काम करने की अवधि) भाग 26
>>यहां पिछली सैलरी का मतलब बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और बिक्री पर मिलने वाला कमीशन है.

मान लीजिए किसी व्यक्ति का पिछला वेतन 50,000 रुपये महीना है. उसने किसी कंपनी में 15 साल 8 महीने काम किया. ऐसे में उसकी ग्रेच्युटी होगी:  (15 X 50,000 X 16)/26 = 4.61 लाख रुपये

इस मामले में काम करने के दिन 15 साल 8 महीने होने के कारण इसे 16 लिया गया है. अगर काम करने के दिन 15 साल 5 महीने होते तो इसे 15 ही माना जाता.

सवाल: किस कर्मचारी को मिलेगी ग्रेच्युटी की रकम
जवाब: एक एम्प्लॉयर (कंपनी या संस्था) जो ग्रेच्युटी एक्ट के दायरे में नहीं आता है वह भी चाहे तो अपने इम्पलॉई को ग्रेच्युटी का फायदा दे सकता है.

सवाल: अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाए तो क्या तब भी रकम  मिलेगी?
जवाब: किसी इम्पलॉई की मृत्यु हो जाने की स्थिति में ग्रेच्युटी की रकम नौकरी की कुल अवधि पर आधारित होगी, जो अधिकतम 20 लाख रुपये तक हो सकती है. पहले यह सीमा 10 लाख रुपये ही थी. अब सरकार ने इसे बढ़ाकर दोगुना कर दिया है.

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