....तो क्या अब सस्ता होगा अंडा और चिकन!
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सरकार घरेलू स्तर पर मक्के की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए विदेशों से खरीदने की तैयारी कर रही है. अगर ऐसा होता है तो जल्द अंडे और चिकन की कीमतों में गिरावट आ सकती है. दरअसल मक्के का इस्तेमाल मुर्गियों के चारे में होता है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में सूखे की स्थिति है. कारोबारियों को आशंका है कि इससे रबी सीजन में मक्के का उत्पादन और घट सकता है. इसीलिए पिछले कुछ महीनों में मक्के का औसत मूल्य 1,300-1,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 21 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है.

सरकार का नया प्लान तैयार- जानकारी के मुताबिक, मक्के के बढ़ते दामों के बीच सरकार इसके आयात को मंजूरी दे सकती है. सरकार करीब 4 लाख टन आयात को मंजूरी दे सकती है पिछले कुछ महीनों में मक्की के दामों में 60% की बढ़ोतरी हुई है.

>> मक्की की आयात को मंजूरी जल्द मिल सकती है.
>>  सरकार 4 लाख टन के आयात को मंजूरी दे सकती है.
>>  सरकार ने इसका कोटा तय कर सकती है.
>>  यह प्रस्ताव कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय की ओर से जारी हुआ है.
>> मक्की के बढ़ते दामों को देखते ये फैसला लिया जा रहा है.
>> इस फैसले से मुर्गी पालन इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी.

देश में मक्के का जितना उत्पादन होता है, उसमें से करीब 60 फीसदी की खपत पॉल्ट्री उद्योग में होती है. आपको बता दें कि मक्के की कीमतें रिकॉर्ड 2,100-2,150 रुपये प्रति क्विंटल के ऊंचे स्‍तर पर हैं. एक साल के दौरान इनका औसत मूल्य 1,300-1,400 रुपये प्रति क्विंटल रहा है.

सस्ता हो सकता है चिकन और अंडा-  मुर्गियों के चारे में इस्तेमाल होने वाले मक्का सस्ता होने से किसानों की लागत कम हो जाएंगी. लिहाजा किसान भी कीमतें कर सकते हैं.आपको बता दें कि पिछले महीने अंडे का थोक मूल्य 3.50 रुपये से बढ़कर 4 रुपये प्रति पीस हो गया. साथ ही, चिकन के दाम भी  बढ़ गए है.

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