रिजर्व बैंक द्वारा एनईएफटी और आरटीजीएस पर बैंक शुल्क समाप्त करने का कैट ने किया स्वागत
स कदम से उद्योग और अन्य क्षेत्रों के साथ देश में लगभग 2.5 करोड़ व्यापारियों को लाभ होगा।


नई दिल्ली । कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एनईएफटी और आरटीजीएस पर बैंक शुल्क को समाप्त करने की रिजर्व बैंक की घोषणा का स्वागत किया है। कैट ने गुरुवार को कहा कि यह आरबीआई का एक प्रगतिशील कदम है, जो व्यवसाय समुदाय द्वारा डिजिटल भुगतान के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। इस कदम से उद्योग और अन्य क्षेत्रों के साथ देश में लगभग 2.5 करोड़ व्यापारियों को लाभ होगा।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को पूरा करने के लिए, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान पर लगाए गए बैंक शुल्क को भी समाप्त करना चाहिए। इससे न केवल व्यापारियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि आम लोगों को भी डिजिटल भुगतान अपनाने, स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही दैनिक दिनचर्या में कार्ड भुगतान का स्वतंत्र रूप से उपयोग हो सकेगा। यह देश में नकदी को बड़े स्तर पर खत्म कर देगा और समानांतर अर्थव्यवस्था पर भी अंकुश लगाएगा।

खंडेलवाल ने सुझाव दिया है कि सरकार को कार्ड से भुगतान पर बैंक शुल्क सीधे बैंकों को देना चाहिए। इसके अलावा सरकार को डिजिटल भुगतान को अपनाने पर कुछ प्रकार के प्रोत्साहनों की भी घोषणा करने की सलाह देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग डिजिटल भुगतानों को अपनाएं और स्वीकार करें। खंडेलवाल ने पीओएस मशीनों पर आयात शुल्क माफ करने का भी सुझाव दिया ताकि लोग सस्ती कीमत पर समान आयात कर सकें। कैट इस बारे में जल्द ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को एक श्वेत पत्र सौंपेगा। (हि.स.)

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