अर्थव्यवस्था को बहुत ही बड़ा झटका लग चुका, आर्थिक पैकेज देश के साथ क्रूर मजाक - सोनिया गांधी*
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भारत में इस वक्त कई प्रकार के संकट मंडरा रहे हैं पहले कोरोनावायरस जैसी भयानक महामारी जो कि अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है उसके बाद वह तूफान जिसने बंगाल को हिला कर रख दिया इसी पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई जिस बैठक में केंद्र सरकार से चक्रवर्ती तूफान को आपदा घोषित करने की मांग करी गई।

वहीं सोनिया गांधी ने बैठक की शुरुआत करने के साथ ही कोरोना संकट को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को बहुत ही बड़ा झटका लग चुका है, बड़े अर्थशास्त्रियों ने काफी बड़े पैमाने पर राजकोषीय प्रोत्साहन दिए जाने की तत्काल आवश्यकता की सलाह दी थी.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा करी, जिसके बाद वित्त मंत्री अगले 5 दिन तक उसका विवरण देती रहीं. यह देश के साथ एक क्रूर मजाक था ।


बैठक में सरकार पर निशाना साधते हुए सोनिया गांधी ने बोला की पीएम कि 21 दिन में कोरोनावायरस ने की योजना असफल रही है सरकार के पास लॉकडाउन को लेकर किसी भी तरह का कोई प्लान नहीं था, और ना ही सरकार के पास इस संकट से निपटने की कोई नीति थी।

उन्होंने कहा  की लगातार लॉकडाउन का कोई फायदा नहीं हुआ, नतीजे खराब ही निकले. कोरोना टेस्ट और पीपीई किट के मोर्चे पर भी सरकार विफल रही. अर्थव्यवस्था चरमरा गई, लॉकडाउन के नाम पर क्रूर मज़ाक हुआ. सारी शक्तियां पीएमओ के पास हैं, वो कर्मचारियों और कंपनियों के हितों की सुरक्षा करें.

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