अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के फैसले साहसिक : जेटली
स्मार्ट सिटी कार्यक्रम वड़ोदरा के लिए ड्रिल के तहत स्पेशल पर्पज व्हीकल में चल रहा है।


अहमदाबाद/गांधीनगर : केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कई साहसिक फैसले लिए हैं। हमारा जोर सरकारी तंत्र और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर है। ज्यादातर मसलों को सुलझा लिया गया है। कुछ अहम मुद्दे बचें हैं और उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में ये भी सुलझ जाएंगे। उक्त बातें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन-2017 के दूसरे दिन वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रोडमैप का शुभारंभ करते हुए कहीं। 

नोटबंदी के फैसले पर बोलते हुए जेटली ने कहा कि हर बड़े फैसले को लागू करने मे कठिनाई होती है। देशवासियों ने सरकार का इस फैसले में काफी सहयोग किया है और अब जनता को इसका फायदा भी समझ में आ रहा होगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के प्रारंभिक प्रभावों के बाद इससे जीडीपी अधिक स्वच्छ और ज्यादा बड़ी होगी। कागजी नोटों के बहुत ज्यादा होने की अपनी बुराइयां हैं और यह अपने प्रति लोभ जगाती है।

ऐसे में जीएसटी सितंबर, 2016 से पहले लागू होनी चाहिए थी मगर कुछ तथ्यों को देखते हुए इसे अप्रैल, 2017 तक लागू किया जाएगा। जेटली ने कहा कि केंद्र में 2014 में आए परिवर्तन कि वजह से भारत विकास कि ओर आगे बढा है। वाइब्रेंट गुजरात पर जेटली ने कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सम्मेलन बन गया है, जो भारत और गुजरात दोनों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी बात है। इस दौरान, शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना मार्च 2018 में पूरा हो जाएगी। 

इसके लिए केंद्र सरकार ने पहले ही 800 करोड़ रुपये जारी किए हैं। स्मार्ट सिटी कार्यक्रम वड़ोदरा के लिए ड्रिल के तहत स्पेशल पर्पज व्हीकल में चल रहा है। गौरतलब हो कि इस वाइब्रेंट गुजरात समिट में कई समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। 

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