एयरसेल-मैक्सिस डील मामले की सुनवाई से जज ने खुद को अलग किया
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने एयरसेल-मैक्सिस डील मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संजय किशन कौल ने एयरसेल-मैक्सिस डील मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। जस्टिस संजय किशन कौल के भाई ने एयरसेल मैक्सिल मामले में बतौर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के रूप में पैरवी की थी। अब इस मामले की सुनवाई अप्रैल के पहले सप्ताह में होगी । 10 फरवरी को इस मसले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वकील और बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी को निर्देश दिया था कि वो एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में चिदंबरम की भूमिका साबित करने के लिए दो हफ्ते के भीतर ठोस सबूत पेश करें । 

स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि एयरसेल की सौ फीसदी हिस्सेदारी विदेशी कंपनी मैक्सिस द्वारा खरीदने के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका की जांच की जाए । स्वामी ने कहा कि चिदंबरम ने गड़बड़ियां की । उन्होंने मैक्सिस को 600 करोड़ रुपये से ज्यादा की डील को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी को भेजे बिना स्वीकृति दी । सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वो चिदंबरम को तभी नोटिस भेजेंगे जब हम प्रथम दृष्टया ये संतुष्ट होंगे कि इस मामले में चिदंबरम की भूमिका थी और इसके लिए आपको ठोस सबूत देने होंगे । तब स्वामी ने कहा कि हम एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में चिदंबरम की भूमिका साबित करनेवाले ठोस दस्तावेजी सबूत पेश करेंगे ।

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ठोस सबूत पेश करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया । आपको बता दें कि 2 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने एयरसेल-मैक्सिस डील मामले पर दयानिधि मारन समेत अन्य आरोपियों को दो मामलों से आरोपमुक्त कर दिया । कोर्ट ने दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन, कलानिधि मारन की पत्नी कावेरी कलानिधि, साऊथ एशिया एफएम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के षणमुगम और दो कंपनियों को आरोपमुक्त किया । 

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