86 फीसदी पेट्रोल-पंप हुए कैशलेस- धर्मेंद्र प्रधान
प्रधान ने बताया कि दैनिक नकदरहित लेनदेन 150 करोड़ रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 400 करोड़ रुपये प्रतिदिन पर पहुंच गया है।


नई दिल्ली/श्रीनगर : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धमेंद्र प्रधान ने बताया कि वर्तमान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से संबद्ध 38,128 रिटेल आउटलेट (खुदरा केन्द्र) पर प्वाइंट ऑफ सेल अर्थात पीओएस की सुविधा है और 86 फीसदी से भी अधिक रिटेल आउटलेटों पर डिजिटल लेनदेन से संबंधित आधारभूत सुविधाएं हैं। देशभर में चार मुख्य भाषाओं में करीब 35,000 ग्राहक जागरूरकता अभियान अब तक आयोजित किए जा चुके हैं। प्रधान ने कहा कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तेल विपणन कंपनियां नकदरहित माध्यम से ईंधन खरीदने वाले ग्राहकों को 0.75 फीसदी की छूट उपलब्ध करा रही हैं। 72,000 से अधिक ई-वैलेट भी शुरू किए जा चुके हैं।

प्रधान ने ईंधन केन्द्रों पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय एवं तेल विपणन कंपनियों द्वारा किए गए प्रयासों पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन अभियान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मुख्य भूमिका निभाई है। ऐसा करने के लिए एक तीन आयामी रणनीति अपनाई गई, जिसमें ईंधन केन्द्रों पर डिजिटल भुगतान के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना, व्यापक जागरूकता अभियान चलाना और डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों को लाभांवित करना आदि शामिल हैं। 

प्रधान ने बताया कि दैनिक नकदरहित लेनदेन 150 करोड़ रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 400 करोड़ रुपये प्रतिदिन पर पहुंच गया है। उन्होंने तेल एवं गैस संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए एमओपीएनजी ई- सेवा नामक एक समर्पित सोशल नेटवर्किंग मंच के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि स्वच्छ पेट्रोल पम्प एप एक ऐसी पहल है, जहां लोग ईंधन केन्द्रों (पेट्रोल पम्प आदि) पर बने शौचालयों की सफाई के संबंध में अपनी प्रतिक्रिया (फीडबैक) दर्ज़ करा सकते हैं।

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