GST : रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले प्रॉडक्ट्स, एलपीजी होंगे सस्ते
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ज्यादातर सामानों की आपूर्ति पर जीएसटी काउंसिल ने केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा करों से कम टैक्स तय किया है।


नई दिल्ली : नोट बुक्स, घरेलू एलपीजी, ऐल्युमिनियम फॉइल्स, इंस्युलिन, अगरबत्ती समेत रोजमर्रा के इस्तेमाल में आनेवाले कई सामान 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद सस्ते हो जाएंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि ज्यादातर सामानों की आपूर्ति पर जीएसटी काउंसिल ने केंद्र और राज्य सरकारों के मौजूदा करों से कम टैक्स तय किया है।



मौजूदा व्यवस्था में केंद्र और राज्यों के कई प्रकार के टैक्स लगते हैं। लेकिन, 1 जुलाई से देशभर में लागू होनेवाली नई टैक्स व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकारों की सहमति से जीएसटी काउंसिल एक रेट तय करती है। इसके तहत काउंसिल की ओर से जिन वस्तुओं पर मौजूदा टैक्स रेट्स से कम दरें तय हुई हैं, उनमें दूध का पाउडर, दही, मक्खन दूध, अनब्रैंडेड प्राकृतिक शहद, पनीर, मसाले, चाय, गेंहू, चावल और आटा आदि शामिल हैं।



इनके अलावा, मूंगफली का तेल, पाम ऑइल, सूरजमुखी का तेल, नारियल का तेल, सरसों का तेल और वेजिटेबल आइटम्स, कुछ खाद्य उत्पाद, अचार, पास्ता, स्पैगटी, मैक्रोनी, नूडल्स, फल, चीनी, खजूर का गुड़, चीनी से निर्मित मिठाई, मुरब्बा, चटनी, केचअप और सॉस जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामानों पर भी कम टैक्स लगाए गए हैं।
नीचे देखें उन सामानों की लिस्ट जिनके सरकार की ओर से 1 जुलाई के बाद सस्ते होने का दावा किया गया है।

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