6000 NGOs के लाइसेंस खतरे में
सरकार को विदेश से मिलने वाले चंदे की जानकारी नहीं दे रहे लगभग 6000 गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ) का लाइसेंस खतरे में पड़ गया है.


नई दिल्ली : सरकार को विदेश से मिलने वाले चंदे की जानकारी नहीं दे रहे लगभग 6000 गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ) का लाइसेंस खतरे में पड़ गया है. विदेशों से मिलने वाली आथर्कि मदद से संचालित इन संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आय व्यय का ब्योरा देने संबंधी नोटिस मिलने के बावजूद कोई सूचना नहीं दी जिसके बाद मंत्रालय से इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में इन एनजीओ से पिछले पांच साल के आय व्यय का ब्योरा नहीं देने के बारे में पूछा गया है और कहा गया है कि क्यों न इनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं. मंत्रालय के एक अधिकारी ने आज बताया कि गत आठ जुलाई को 6000 एनजीओ को नोटिस जारी कर 23 जुलाई तक जवाब देने को कहा गया है. इस साल मई में मंत्रालय द्वारा 18523 एनजीओ को नोटिस जारी कर 14 जून तक देश और विदेश से मिल रही मदद और उनके व्यय का ब्योरा देने को कहा गया था. 

निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दे पाने वाले एनजीओ का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस बीच मंत्रालय ने 30 जून को देश भर में पंजीकृत उन 3,768 एनजीओ को मिल रही विदेशी सहायता को एक ही बैंक खाते में जमा कराने और इसका ब्योरा सरकार को मुहैया कराने का निर्देश दिया था. मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नियमानुसार विदेशी सहायता प्राप्त कर रहे एनजीओ को विदेशी सहायता नियमन कानून (फेरा) के तहत पंजीकरण कराना, एक ही बैंक खाते में विदेशी सहायता प्राप्त करना और इस खाते को प्रमाणित कराना अनिवार्य होता है.

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