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पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत
पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को वट सावित्री का निर्जला व्रत रखा। प्रात:काल स्नान ध्यान के बाद सोलह श्रृंगार रचकर


वाराणसी: पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को वट सावित्री का निर्जला व्रत रखा। प्रात:काल स्नान ध्यान के बाद सोलह श्रृंगार रचकर महिलाएं घर की बुर्जुग या पड़ोसी महिलाओं के साथ बांस की डलिया में मौसमी फल, पकवान, पूजन सामग्री, धागा लेकर गाती बजाती वट वृक्ष के पास पहुंची। यहां वट वृक्ष की परिक्रमा की । 

इसके बाद धूप, दीप, रोली, भिगोया चना, सिन्दूर रख वट वृक्ष की पूरे आस्था के साथ पूजा की। फिर 21, 51 या 108 बार कच्चे सूत का धागा भी वट वृक्ष में लपेटा। पूरे उत्साह और आस्था से वट सावित्री की कथा सुनी। पूजन के बाद महिलाओं ने श्रृंगार सामग्रियों का दान भी किया। पूजा अर्चना का सिलसिला दोपहर तक चलता रहा।

लोक मान्यता है कि सावित्री ने ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट वृक्ष के नीचे अपने पति सत्यवान की यमराज से सुरक्षा की थी । तभी से सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रख वट वृक्ष की पूजा करती हैं। महिलाएं पूजा कर अपने पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य आदि की कामना करती हैं। 

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