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जानिए क्या है खासियत सावन के सोमवारों की
उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले को अपरा काशी का दर्जा प्राप्त है


फर्रुखाबाद: उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले को अपरा काशी का दर्जा प्राप्त है। सावन के पहले सोमवार को अपरा काशी कहा जाने वाला यह जिला हर-हर महादेव की गूंज से गूंज उठा।

दूर दराज से आये आये कांवड़ियों ने पांचाल घाट पर पहुंच कर भागीरथी में डुबकी लगाई और वह गंगा जल लेकर शिव के धाम के लिए रवाना हो गए। फर्रुखाबाद जिले के शिवालयों का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यहां पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य ने पंडा बाग में शिवलिंग की स्थापना की थी। जिसे पांडेश्वर नाथ मंदिर के नाम जाना है। 

 सावन के पहले सोमवार को पांडेश्वर नाथ मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। दूर दराज से आये शिव भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान उमड़ी भीड़ की वजह से पुलिस को यातायात व्यवस्था बहाल बनाये रखने में पसीने छूट गए। गंगातट पांचाल घाट पर भी शिव भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। जिले के गंगा तट श्रृंगी रामपुर में कांवड़ियों ने गंगा स्नान कर भगवान राम के मान्य लगने वाले श्रृंगी ऋषि की पूजा अर्चना की। 

  इतिहासकार डाक्टर रामकृष्ण राजपूत बताते हैं कि धर्म शास्त्रों के अनुसार श्रृंगी ऋषि राजा दशरथ के बहनोई लगते थे। राजा दशरथ के जब कोई संतान नहीं हुई तो गुरु विश्वामित्र के कहने पर श्रृंगी ऋषि को अयोध्या बुला कर पुत्रेष्टि यज्ञ कराया गया था। जिसका वर्णन महा कवि राधेश्याम ने राधेश्याम रामायण में करते हुए लिखा है कि पुत्रेष्टि यज्ञ के विशेषज्ञ श्रृंगी ऋषि को बुलवाना है, वह मान्य तुम्हारे लगते हैं उनको आचार्य बनाना है।

गुरु विश्वामित्र के कहने पर यहां से श्रृंगी ऋषि को बुलबाया गया था। उनके द्वारा यज्ञ करने पर राजा दशरथ को चार पुत्रों की प्राप्त हुई थी। इस वजह से श्रृंगी रामपुर को तीर्थ राज का दर्जा प्राप्त है। 

सावन के पहले सोमवार को यहां कई प्रदेशों से शिव भक्त आकर गंगा जल शिव के धाम ले जाकर भगवान शिव पर अर्पित करते हैं। श्रृंगी रामपुर से कन्नौज जिले के छिबरामऊ तक संयोगिता मार्ग पर कांवड़ियों की भारी भीड़ रहती है। नवाबगंज के पुथरी मंदिर पर भी सावन के पहले सोमवार को भारी भीड़ रही। यहां के व्यवस्थापक अनुरुद्ध सिंह उर्फ गुड्डू बताते हैं कि यहां सावन भर भोले नाथ के मंदिर पर मेला लगता है। इस मंदिर को शिव भक्त आस्था का केंद्र मानते हैं। जिस वजह से सुबह 4 बजे से ही माहौल शिव मय हो गया। जिले भर में जहां आज कावड़िये बम-बम भोले के उद्घोष के साथ गंगा जल भर कर शिव के धाम की ओर रवाना होते रहे,वहीं दूसरी तरफ मंदिरों में ॐ नमः शिवाय का मंत्र गूंजता रहा।

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