अंग्रेजी में न गा पाने का आशा भोसले को आज भी है मलाल
आशा का कहना है कि अगर सही शिक्षा प्राप्त करके वह अंग्रेजी में भी गाने गातीं और बनातीं तो वर्तमान से भी और ऊंचाई हासिल कर सकती थीं।


दिग्गज गायिका आशा भोसले को एक अच्छी शिक्षा हासिल न कर पाने का मलाल है। आशा का कहना है कि अगर सही शिक्षा प्राप्त करके वह अंग्रेजी में भी गाने गातीं और बनातीं तो वर्तमान से भी और ऊंचाई हासिल कर सकती थीं। बॉलिवुड की दिग्गज गायिका ने ग्लोबल इंडियन इंटरनैशनल स्कूल (जीआईआईएस) के दुबई में आयोजित 'लीडरशिप लेक्चर सीरीज' कैम्प में शामिल होने के दौरान यह बात कही। 

युवा पीढ़ी के लिए अपने संदेश के बारे में आशा ने कहा, 'एक इंसान अपनी सफलता के लिए खुद ही जिम्मेदार होता है। अगर कोई दिन-रात मेहनत कर रहा है तो वह जरूर सफल होगा। आपके स्कूल के लिए मैं यह संदेश देना चाहती हूं कि मैंने अच्छी शिक्षा हासिल नहीं की और आज जब मैं अमेरिका और लंदन जाती हूं तो वहां के गीत सुनकर मुझे मलाल होता है। मुझे बुरा लगता है कि मैं उनकी शैली को नहीं अपना पाई।' 

आशा ने आगे कहा, 'मैं अच्छी शिक्षा हासिल नहीं कर पाई। अब मुझे सच में मलाल होता है कि अगर मैं अच्छी शिक्षा हासिल करती तो अलग ही स्तर की उपलब्धि हासिल कर पाती।' अपने करियर में आशा ने हर प्रकार की शैली के गानों को अपनी आवाज दी है, जिसमें 'झुमका गिरा रे', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है', 'दिल चीज क्या है', 'मेरा कुछ सामान' और 'प्रेम में तोहरे' आदि गीत शामिल हैं। आशा ने जीनत अमान से उर्मिला मातोंडकर और रेखा से विद्या बालन तक सबके लिए अपनी आवाज दी है। छह दशकों में उन्होंने अपनी आवाज का जादू कम नहीं होने दिया 

आशा ने आगे कहा, 'मैं अच्छी शिक्षा हासिल नहीं कर पाई। अब मुझे सच में मलाल होता है कि अगर मैं अच्छी शिक्षा हासिल करती तो अलग ही स्तर की उपलब्धि हासिल कर पाती।' अपने करियर में आशा ने हर प्रकार की शैली के गानों को अपनी आवाज दी है, जिसमें 'झुमका गिरा रे', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है', 'दिल चीज क्या है', 'मेरा कुछ सामान' और 'प्रेम में तोहरे' आदि गीत शामिल हैं। आशा ने जीनत अमान से उर्मिला मातोंडकर और रेखा से विद्या बालन तक सबके लिए अपनी आवाज दी है। छह दशकों में उन्होंने अपनी आवाज का जादू कम नहीं होने दिया

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