चश्मदीद की जुबानी, पूरी कहानी: 'शिकार के बाद रुके नहीं थे सलमान खान और.....'
Salman Khan


बॉलीवुड सलमान खान को सलाखों के पीछे भेजने वालों में अगर किसी का नाम लिया जा सकता है तो वह है पूनमचंद विश्नाई का. कांकाणी में काले हिरन शिकार मामले में चश्मदीद गवाह के तौर पर विश्नोई के बयान दर्ज किये गये जिसके कारण मामले का रुख तय हुआ.

चश्मदीद गवाह विश्नोई ने अदालत को बताया कि 1 और 2 अक्टूबर 1998 की दरम्यानी रात लगभग डेढ़ बजे उसकी आंख खुली तो तो उसके घर से थोड़ी दूर एक गाड़ी कच्चे रास्ते में घूम रही थी. उसे शक हुआ कि वह गाड़ी शिकार के मकसद से घूम रही है तो उसने छोगाराम को आवाज़ देकर बुलाया.

फिर विश्नोई ने छोगाराम को मोटरसाईकिल पर पीछे बिठाया व गाड़ी के पीछे गये. आरजे-19, 1सी-2201 नंबर की जिप्सी के अन्दर कुल 7 लोग थे, जिनमें सलमान गाड़ी चला रहे थे. पास में सैफ अली खान बैठे थे. जिप्सी में पीछे तीन लड़कियां व दो आदमी थे. एक लड़की ने चश्मा लगाया था. जिप्सी के आगे हिरणों का झुंड था. पीछे से एक आदमी ने सलमान खान को बंदूक दी. फिर उसने काले हिरणों पर फायर किया.

विश्नोई के बयान के मुताबिक एक हिरण लंगड़ाता हुआ गिर गया, जिसे गोली लगी थी. फिर गाड़ी आगे तेज़ चली और हिरणों का एक झुंड और दिखाई दिया. फिर पीछे बैठे व्यक्तियों ने सलमान खान को जोर से कहा कि फायर करो, गोली मारो, और सलमान ने फायर किया जिससे एक हिरण को गोली लगी.

विश्नोई ने बयान में कहा कि तब उन्होंने शिकारी-शिकारी की आवाज़ लगाई तो सलमान की गाड़ी की स्पीड और तेज़ हो गयी. कांकाणी से गुड़ा रोड की तरफ गाड़ी मोड़ दी गयी. विश्नोई ने कहा कि वे दो ही थे इसलिए उन्हें रोकने में असफल रहे. उन्होंने मोटरसाईकिल जब जिप्सी से आगे निकाली तो जिप्सी को वापस कांकाणी की तरफ मोड़ दिया गया.

विश्नोई के मुताबिक आगे जिप्सी को रोकने के मकसद से उन्हें शेराराम व मांगीलाल मिले. शेराराम व मांगीलाल ने शिकारी सलमान व उसके साथ वाले लोगों को पहचान लिया था. दोनों ने उन्हें बताया कि उन्होंने भी शिकारी की जिप्सी को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वो रुके नहीं. फिर उन लोगों ने कांकाणी तक जिप्सी का पीछा किया तो पाया कि गाड़ी हाईवे पर मुड़कर जोधपुर रवाना हो गई.

विश्नोई ने कहा कि फिर सभी लोग वापस आकर इकट्ठे हुए व सुबह वन विभाग में रिपोर्ट लिखवाने की बात तय की. विश्नोई ने कहा चूंकि आस-पास फिल्म शूटिंग के लिए बागड़ों में आये थे इसलिए वह शिकार करने वालों में सलमान खान, सैफ अली खान, नीलम, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे को पहचान गये. विश्नोई ने कहा कि वह दुष्यंत सिंह और दिनेश गावरे को भी पहचानते हैं.


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