कंगना का विकास बहल पर आरोप- वह मुझे बांहों में भरते और मेरे बाल सूंघते थे
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बॉलीवुड एक्‍ट्रेस कंगना रनौत ने फिल्‍म निर्देशक विकास बहल पर जोर जबरदस्‍ती का आरोप लगाया है. कंगना ने कहा कि 'क्वीन’ फिल्म के निर्देशक विकास ने उन्हें कई मौकों पर असहज महसूस कराया था. उनका यह बयान प्रोडक्शन हाउस ‘फैंटम फिल्म्स’ की एक महिला कर्मचारी के फिल्म निर्देशक पर छेड़छाड़ का आरोप फिर से लगाए जाने के बाद आया है. बहल पहले फैंटम फिल्म्स में अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी और मधु मंटेना के साथ साझेदार थे.

बहल पर पिछले साल फैंटम फिल्म्स में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने छेड़खानी करने का आरोप लगाया था. उसका आरोप था कि गोवा ट्रिप के दौरान बहल ने उनसे अनुचित तरीके से व्यवहार किया था. इसके बाद फिल्ममेकर हंसल मेहता और अपूर्व असरानी ने विकास बहल की कड़ी निंदा की है.

इधर, कंगना ने एक बयान में कहा, 'मैं उस महिला की बात से पूरी तरह सहमत हूं. 2014 में ‘क्वीन’ फिल्म की शूटिंग कर रहे थे उस वक्त शादीशुदा होने के बावजूद भी बहल मेरे सामने यह शेखी बघारते थे कि वह रोज-रोज एक नई लड़की के साथ यौन संबंध बनाते हैं. मैं लोगों और उनकी शादियों को जज नहीं कर रही. लेकिन जब लत बीमारी बन जाती है तो दिक्कत होती है.'

कंगना ने आगे कहा, 'वह मुझे कहते थे कि मैं कूल नहीं हूं और मुझे एंजॉय करना नहीं आता. यह कहकर मुझे शर्मिंदा किया जाता था. हम जब कभी भी मिलते थे वह मेरी गर्दन पर अपना चेहरा रखकर मुझे कसकर पकड़ते थे और मेरे बालों को सूंघते थे. मुझे उन्हें हटाने में काफी जोर लगाना पड़ता था. अब इन सब चीजों के बारे में सोच कर भी घिन आती है मुझे. लेकिन उस वक्त मैंने खुद को संभाल लिया था.'

बकौल कंगना, 'विकास मुझे कहते भी थे कि मुझे तुम्हारी खुशबू बहुत पसंद है. मैं इस लड़की की बात से सहमत हूं. इसी लड़की ने कुछ दिनों पहले विकास से मदद मांगी थी. मैंने उस वक्त भी लड़की का साथ दिया था, आप चाहें तो मेरे पिछले इंटरव्यू के वीडियो देख सकते हैं. तब मुझे लगा था यह बात आगे तक जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.'

कंगना ने विकास पर आरोप लगाते हुए कहा, 'विकास मेरे पास हरियाणा की गोल्ड मेडलिस्ट की एक स्क्रिप्ट लेकर आए थे. लेकिन जब मैंने पीड़ित लड़की की मदद की तो विकास ने मुझसे बात करना बंद कर दिया और वह फिल्म मेरे हाथ से निकल गई, लेकिन मुझे इसका कोई गम नहीं है.'

कंगना ने आगे कहा, 'एक अच्छी स्क्रिप्ट हाथ से निकल जाने के बाद भी मैंने उन्हें कभी फोन नहीं किया क्योंकि मैं जानती थी कि मैं सही हूं. लेकिन बाद में यह मामला कहीं दब गया और किसी को कुछ पता नहीं चला कि क्या हुआ. विकास की कंपनी बंद होने के बाद लोग उन्हें निशाना बना रहे हैं. ऐसे समाज को शर्म आनी चाहिए. कुछ लोग मिलकर एक हारे हुए इंसान को निशाना बना रहे हैं. यह विरोध किसी के लिए मनोरंजन होगा या फिर किसी मनोरंजन पत्रिका में छप जाएगा.'

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