मैं एक मल्टीटैलेंटेड गर्ल हुँ:-ज़ाहिदा खानम
मैंने मॉडलिंग करने की कभी नही सोची थी


हमने बात की लखनऊ की रहने वाली ज़ाहिदा खानम से।ज़ाहिदा एक मॉडल हैं।हालांकि मॉडलिंग करते हुए इन्हें अभी एक साल ही हुए हैं।लेकिन अपनी मेहनत के बदौलत इन्होंने मात्र साल भर में काफी नाम कमा लिया है। 20 वर्षीय ज़ाहिदा ने मॉडलिंग से जुड़े कई खिताब अपने नाम किये।साथ ही फेमस डिज़ाइनर्स और सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट्स के साथ काम किया।ज़ाहिदा मॉडलिंग के साथ साथ पढ़ाई भी करती है।वह अभी बीएससी द्वितीय वर्ष में हैं और पढ़ाई और मॉडलिंग दोनो में अच्छा कर रही हैं। आइये जानते हैं ज़ाहिदा और क्या कहती हैं-

ज़ाहिदा सबसे पहले तो आप अपने बारे में कुछ बताईए?

जी मेरा नाम ज़ाहिदा है।मेरी बर्थ प्लेस तो बंगाल की है।लेकिन छः साल की उम्र में ही मैं लखनऊ आ गई।मैं एक मॉडल हुँ।मॉडलिंग के साथ साथ मैं पढ़ाई भी कर रही हुँ।मैं अभी बीएससी द्वितीय वर्ष हुँ।इसके अलावा मैं मेडिकल की तैयारी भी कर रही हुँ।

आप पढ़ाई और मॉडलिंग दोनो को एक साथ कैसे मैनेज करती हैं?

जी मैं शुरू से ही मल्टीटैलेंटेड रही हुँ।मैं पढ़ाई में भी बहुत अच्छी हुँ।इसलिए मुझे ज्यादा दिक्कत नही होती।हाँ पढ़ाई की वजह से मैं मॉडलिंग के कम प्रोजेक्ट्स ही करती हुँ, लेकिन जो भी करती हुँ अच्छा करती हुँ।मैं पढ़ाई और मॉडलिंग दोनो को अच्छे से हैंडल कर लेती हुँ।और मुझे बिल्कुल भी दिक्कत या परेशानी नही होती।


आपको मॉडलिंग करते हुए कितने साल हुए हैं?

जी मुझे मॉडलिंग करते हुए एक साल हो गए।लेकिन मैंने काफी अच्छे अच्छे शोज़ किये हैं।मैं फेम मिस नार्थ इंडिया की फाइनलिस्ट रही हुँ।इसके अलावा मैं मिस फोटोजेनिक 2016 भी हुँ।मिस अवध में मैं फर्स्ट रनरअप रह चुकी हुँ।इसके साथ ही मैंने मिस फ़ैज़ाबाद को जज भी किया है।फ्लिपकार्ट,अमेज़न और मिंत्रा के लिए भी मैन शूट किया है। ब्लॉसम कोच्चर लैफनीज़ में मैं फाइनलिस्ट रही थी। साथ हीमैंने बहुत सारे ज्वेलरी और साड़ियों के ब्रांड्स के लिए शूट किया है। मैने फेमस मेकअप आर्टिस्ट विकास श्रीवास्तव सर, विद्या टिकारी मैम, अल्फराजगर भरत और डोरिस के साथ काम किया है।कुल मिलाकर कहें तो इन एक सालों में मॉडलिंग फील्ड में मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा।हाँ एक चीज और मैंने कहीं भी मॉडलिंग नही सीखी हैं।

ज़ाहिदा अपने मॉडलिंग करने की कैसे सोची?

मैं आपको सच बताऊ तो मैंने मॉडलिंग करने की कभी नही सोची थी। बाराहवीं तक मैं एक चश्मिश लड़की थी।जिसको पढ़ना पसंद था।लेकिन मेरी हाईट अच्छी होने की वजह से मेरे फ्रेंड्स मुझसे कहते थे कि तुम्हे मॉडलिंग करनी चाहिए।फिर ऐसे ही मैंने एक बार सोचा की लाओ ट्राई ही कर लेती हुँ।बस तबसे ही मैं मॉडलिंग करने लगी।बहुत कुछ सुना था इस फील्ड के बारे में।

ज़ाहिदा आप एक मुस्लिम हैं और ऐसा अक्सर होता है कि मुस्लिम लड़कियों को इतनी छूट नही मिल पाती।आपके घरवालों का क्या रिएक्शन था जब आपने उन्हें मॉडलिंग के बारे में बताया?

मैं शुरू से पढ़ने में अच्छी तो थी ही,साथ ही साथ एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में भी सर्टिफिकेट्स लाती थी।और जब मैंने घर पर मॉडलिंग की बात बताई तो घर वाले तैयार हो गए।उन्होंने मुझे सपोर्ट किया।खासकर मेरी मम्मी और मेरी नानी ने मुझे बहुत सपोर्ट किया ।उन्हें पता हैं कि मैं कभी कुछ गलत नही करूँगी।


ज़ाहिदा अक्सर ही कहा जाता है कि बाहर से यह फील्ड जितनी चमक धमक भरी है अंदर से उतनी ही काली है।इसके बारे में आपका क्या कहना है?

जी यह तो आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप क्या कर रहे हो।अगर आप सही हैं तो सही काम करेंगे।आपका हार्ड वर्क और आपका टैलेंट ही सब कुछ होता है।बुरे और अच्छे लोग तो हर फील्ड में होते हैं।



मॉडलिंग के अलावा आपकी रुचि और किसमे हैं? 

जी मॉडलिंग के अलावा मुझे सिंगिंग बहुत पसंद है।हालांकि स्कूल के दिनों में मैन सिंगिंग के साथ साथ  स्पोर्ट्स और डिबेट्स में भी अवार्ड्स और सर्टिफिकेट्स अपने नाम किये ।मैं जब भी उदास होती हुँ, तो मैं म्यूजिक सुनती हुँ।मुझे इससे से काफी सुकून मिलता है।

आपने कभी सिंगिंग करने की नही सोची?

जी मैं एक यूट्यूब चैनल बनाने की सोच रही हुँ।उसमे मैं सिंगिंग करूँगी।बाकी वैसे प्रोफेशनल लेवल पर कभी सिंगिंग करने की नही सोची।सिंगिंग के साथ साथ मैं गिटार भी सीख रही हुँ।और उसके लिए मैंने गिटार क्लासेज जॉइन कर रखी है।


मॉडलिंग के अलावा आपने एक्टिंग करने की भी सोचा है?

जी बिल्कुल।बहुत जल्द मुझे एक अच्छी और बड़ी एल्बम भी मिलने वाली है।मैंने सोचा था काम करूँगी तो बड़े प्रोजेक्ट्स में ही करूँगी।वैसे तो यहां पर कई सारी एलबम्स शूट होती है लेकिन उनका कुछ ज्यादा मतलब नही रह जाता है।



ज़ाहिदा आपका पसंदीदा  एक्टर और एक्ट्रेस कौन है?

जी मेरा पसंदीदा एक्टर शाहरुख खान है।क्योंकि उसका मुकाबला खुद से है।अपनी मेहनत की बदौलत वह आज इस मुकाम पर पहुंचा है,और मेरी पसंदीदा एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण हैं।

ज़ाहिदा आपने पापा का जिक्र नही किया।

जी मेरे पापा इस दुनिया मे नही हैं।मैने उन्हें देखा नही है।मैं बहुत छोटी थी जब वह गुजर गए।हालांकि वो आज भी मुझमे हैं।मेरे पाप मेरे मोटिवेशन हैं।जब मैं नर्वस होती हुँ तो आंख बंद कर उन्हें याद करती हुँ।और फिर मेरी सारी नर्वसनेस दूर हो जाती है

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