सांस की बीमारियों का कारण बन सकती है शरीर में जिंक की कमी
सांस की बीमारियों का कारण बन सकती है शरीर में जिंक की कमी


बिगड़ते लाइफस्टाइल के साथ-साथ लोग आजकल बहुत सी बीमारियों की चपेट में आ रहें है। एक शोध के अनुसार आज के समय में 85 प्रतिशत लोग किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है। अक्सर लोगों को कुछ बीमारियों के लक्षण, कारण पता न होने के कारण वो इसकी चपेट में आ जाते है। वहीं कुछ लोगों का गलत लाइफस्टाइल और खान-पान के बीमारियों का कारण बन जाता है। हाल ही में एक रिसर्च में बताया गया है कि सांस संबंधी रोग जो कि बलगम के अधिक उत्पादन या जिंक की कमी से आप कई बीमारियों का शिकार हो सकते है। इसके अलावा इससे फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है, जोकि सांस संबंधी बीमारियों का कारण बनते है। इसलिए बीमारियों से बचने के लिए फेफड़ों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है।


बलगम के कारण शरीर की कोशिकाओं में जिंक की मात्रा ठीक तरह से नहीं पहुंच पाती, जिससे सांस और फेपड़ों के रोग हो जाते है। इसके अलावा जिंक की कमी से लंग कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। कुममोतो यूनिर्वसर्टी के रिसर्चर के अनुसार शरीर में जिंक की सही मात्रा न होना फेफड़ों के रोगों का सबसे बड़ा कारण है।


जिंक की कमी अनेकों बीमारियों का कारण बन सकती है। इम्यून सिस्टम को ठीक रखने के लिए शरीर में पर्याप्त जिंक की मात्रा का होना बहुत जरूरी है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप मांस-मछली, शलगम, मटर, मूंगफली, बादाम, गेहूं, कद्दू के बीज, अंडे, काजू और अदरक आदि का सेवन करें। यह मानव शरीर में जिंक की सही मात्रा को बनाए रखने में मदद करते है।

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