इंसान के दिमाग को चट कर जाता है ये अमीबा, ऐसे रहें सावधान
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क्या आपको मालूम है कि आपके दिमाग को चट कर जाने वाला एक अमीबा आपके आस-पास भी कहीं मौजूद रह सकता है? खासकर पानी में. दुनिया में सबसे खतरनाक माना जाने वाला यह अमीबा पीने के पानी से लेकर स्विमिंग पूल या नदी, तालाब, पोखर के पानी में भी मौजूद हो सकता है.

इसी महीने में अमरीका में इस दिमाग को खा जाने वाले अमीबा से कई मौतें हुई हैं. डॉक्टर से लेकर रिसर्चर तक सब इसी खोज में लगे हुए हैं कि यह आया कहां से. यह अमीबा पानी से जुड़ा है और पानी हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. शरीर के भीतर भी और बाहर भी इसलिए आपको इस अमीबा के बारे में जान लेना चाहिए. इस अमीबा का वैज्ञानिक नाम नेग्लरिया फाउलेरी है.

ऐसे होता है संक्रमण, रहें सावधान
यह खतरनाक अमीबा लोगों को तभी प्रभावित करता है जब दूषित पानी नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है. एक व्यक्ति नेगलेरिया फाउलेरी से दूषित पानी को निगलने से संक्रमित नहीं हो सकता है. यह आमतौर पर तब होता है जब लोग तैराकी या गोताखोरी करते हैं. अगर ऊपर से पानी पीते समय आप पानी खुद पर गिरा लें और पानी नाक से आपके शरीर में चला जाए तब भी यह संक्रमण हो सकता है. यह संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में फैल नहीं सकता है.

नेग्लरिया फाउलेरी आखिर है क्या?
दिमाग को चट कर जाने वाला यह अमीबा यानी नेग्लरिया फाउलेरी एक एकल कोशिका जीवित जीव (सिंगल सेल लिविंग ऑर्गैनिज्म) है जो आम तौर पर झीलों, नदियों और गर्म झरनों और मिट्टी जैसे गर्म ताजे पानी में पाया जाता है.

नेग्लरिया फाउलेरी का संक्रमण अम्बेरिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (पीएएम) नामक एक बीमारी का कारण बन सकता है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सेंट्रल नर्व सिस्टम) की एक बीमारी है. यह बीमारी बेहद घातक होती है. इससे मौत निश्चित मानी जाती है. संयुक्त राज्य अमेरिका में 1962 से 2017 के बीच नेग्लरिया फाउलेरी के अटैक के बाद 143 में से केवल चार लोगों को बचाया जा सका है.

नेग्लरिया फाउलेरी कितना आम है?
गर्मी के महीनों में दक्षिणी अमेरिकी राज्यों में नेग्लरिया फाउलेरी आमतौर पर पाया जाता है. हालांकि, हाल ही में यह कुछ उत्तरी राज्यों में भी पाया गया है और संक्रमण हुआ है. यह बेहद दुर्लभ संक्रमण है लेकिन लोगों को इससे होने वाले निम्न स्तर के जोखिम से अवगत होना चाहिए. अमेरिका में फैलने वाले ज़्यादातर संक्रमण कुछ समय बाद भारत में पाए जाते हैं या दुनिया के अलग-अलग इलाकों में मिलते हैं.

नेग्लरिया फाउलेरी 40 डिग्री सेल्सियस तक उच्च तापमान पर तेजी से बढ़ता है और उच्च तापमान पर कम समय के लिए जीवित रह सकता है.

संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

नेग्लेरिया फौलेरी के बड़े लक्षणों में माथे की तरफ गंभीर सिरदर्द, बुखार, मतली और उल्टी शामिल है. बाद के लक्षणों में कठोर गर्दन, दौरे, बदलती मानसिक स्थिति और कोमा शामिल हैं.

संक्रमण के संकेत आम तौर पर दूषित पानी के संपर्क में आने के कुछ दिनों बाद शुरू होते हैं. लक्षण शुरू होने के 1 से 18 दिनों के भीतर लोगों की मौत हो जाती है. हालांकि सही समय पर इस बीमारी का पता चलने पर जान बचाई जा सकती है.

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