डॉ. धीरज मेहरोत्रा द्वारा भारत में बनाई गई ‘NLP‘ पुस्तक का श्रीलंका में विमोचन
डॉ0 धीरज मेहरोत्रा ने भारत में न्यूरो भाषाई प्रोग्रामिंग के गुणवत्ता मंत्र और प्रथा की शुरुआत की है।


Lucknow : शिक्षाविद् डॉ0 धीरज मेहरोत्रा ने शिक्षकों के लिए ‘एनएलपी’ पर अपनी पुस्तक प्रकाशित की है यह शिक्षा के क्षेत्र में नवपरिवर्तन गुणवत्ता की एक आवधिक स्थापना है। एनएलपी ‘न्यूरो भाषाई प्रोग्रामिंग’, संयुक्त राज्य अमेरिका में विकसित संचार का एक उत्कृष्ट मॉडल है। एनएलपी ‘न्यूरो भाषाई प्रोग्रामिंग’ पर आधारित यह किताब एक विशेषज्ञता के रूप में, एक रूपरेखा के रूप में शिक्षण के उत्कृष्टता ढांचे और शिक्षकों के लिए हर दिन की जरूरत बन गयी है। डॉ0 धीरज मेहरोत्रा ने भारत में न्यूरो भाषाई प्रोग्रामिंग के गुणवत्ता मंत्र और प्रथा की शुरुआत की है। यह किताब किसी भी भारतीय लेखक द्वारा एनएलपी पर प्रकाशित एकमात्र पुस्तक है इस पुस्तक का मुख्य उददेश्य कक्षाओं के भीतर शिक्षण परिस्थितियों के प्रति शिक्षकों को सशक्त बनाना होगा।

शिक्षकों के लिए ‘एनएलपी’ पुस्तक का विमोचन सभरगमूवा प्रांत, श्रीलंका के मुख्यमंत्री महेपला हेराथ एवं श्री गैरी अराथून, चीफ एक्जीक्यूटिव एवं सेक्रेटरी, काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन, नई दिल्ली द्वारा २०वी अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन जोकि स्टुडंट्स क्वालिटी सर्किल पर आधारित था उसके उद्घाटन मौके पर किया गया। इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित अन्य लोगों में डॉ जगदीश गांधी, संस्थापक प्रबंधक, सीएमएस, लखनऊ,  डॉ वी कामरान, प्रिंसिपल, सीएमएस, लखनऊ, श्री महेन्द्रा वीरसुरूया, सचिव, शिक्षा मंत्रालय, सभरगमूवा प्रांतीय परिषद, रत्नापुरा, श्रीलंका और श्री हेराथ पी कुलराथना, मुख्य सचिव, सबरागमूवा प्रांत, श्रीलंका मौजूद रहे। 

शिक्षाविद् डॉ0 धीरज मेहरोत्रा ने बताया की एनएलपी पुस्तक शिक्षकों को सभी के लिए गुणवत्ता साक्षरता के प्रति मानव उत्कृष्टता के माध्यम से शिक्षण की शक्ति का फिर से ज्ञान प्राप्त करने की शक्ति देता है। यह न्यूरो-भाषाई प्रोग्रामिंग (एनएलपी) के उपकरणों के माध्यम से मानव-निर्माण के तरीकों को हेरफेर करने का एक साधन है संज्ञानात्मक मनोविज्ञान के सिद्धांतों का प्रयोग करके आप लोगों के विचारों को प्रभावित करने का एक अनूठा तरीका सीखेंगे। इस पुस्तक के साथ आप किसी भी स्थिति में लोगों के विचारों, भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करने के लिए इस प्रक्रिया को लागू करना सीखेंगे। इस किताब में मानव मनोविज्ञान और हेरफेर की पूरी तकनीकें हैं ताकि आपको अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिल सके। 

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित एवं लिम्का बुक आफ रिकार्ड्स होल्डर लेखक एवं शिक्षक डॉ0 धीरज मेहरोत्रा शिक्षा के क्षेत्र में अपने सतत प्रयासों के लिये कई बार सम्मानित किये जा चुके हैं। वे समय समय पर कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं नए-नए तरीकों से अधिक से अधिक शिक्षा प्रदान करने के लिये प्रयास करते आये है जिनमें इंसेप्शन आफ सिक्स सिग्मा इन एकेडमिक्स, टीक्यू0एम0एस0,न्यूरो लिंगुइस्टिक प्रोग्रामिंग एवं एक्सपेरीमेन्टल लर्निंग शामिल है। डॉ0 धीरज मेहरोत्रा ने उत्तम शिक्षण एवं सीखने के मानक के उत्थान की दिशा में गूगल प्ले स्टोर के लिये 150 शैक्षिक एप्स भी बनायें हैं। जिसका उद्देश्य शिक्षक एवं शिक्षर्थियों के बीच गुणवत्तापरक शिक्षा को बढ़ावा देना है एवं आईसीएसई आईएससी एवं सीबीएसई छात्रों के लिये कम्प्यूटर विज्ञान पर 45 से अधिक पुस्तके लिखी हैं साथ ही 10 से अधिक पुस्तके अकादमिक रूचि पर एवं लगभग 1000 पेपर्स एवं लेख शिक्षा पर लिखे हैं। डॉ0 मेहरोत्रा वर्तमान में नेक्स्ट एजुकेशन इंडिया प्रा0 लि0 लखनऊ में कार्यरत हैं।


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