आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने ठुकराया AAP का ऑफर
दरअसल पार्टी सूत्रों के मुताबिक बाहर के लोगों को प्रत्‍याशी बनाए जाने का फैसला लिया गया है.


नई दिल्‍ली: आम आदमी पार्टी के रघुराम राजन को राज्‍यसभा भेजे जाने के ऑफर को आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने ठुकरा दिया है. इस वक्‍त अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रघुराम राजन के ऑफिस ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा, ''प्रोफेसर राजन भारत में शैक्षणिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और उनका शिकागो यूनिवर्सिटी की फुल टाइम अकादमिक जॉब को छोड़ने की कोई योजना नहीं है.''  

दरअसल पार्टी सूत्रों के मुताबिक बाहर के लोगों को प्रत्‍याशी बनाए जाने का फैसला लिया गया है. यह तय किया गया है कि समाज में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख हस्तियों को उम्‍मीदवार बनाया जाए. उसी कड़ी में पार्टी अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठित हस्तियों के नामों पर इन सीटों के लिए विचार कर रही है. 

रघुराम राजन इस वक्‍त अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और तीन साल तक आरबीआई के गवर्नर रहे हैं. कहा जाता है कि वह दूसरे कार्यकाल के लिए भी इच्‍छुक थे लेकिन एनडीए सरकार की तरफ से उनको ऐसा कोई ऑफर नहीं दिया गया. 

AAP में बढ़ सकती है आंतरिक कलह
इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि पार्टी की इस रणनीति के चलते आंतरिक कलह से जूझ रही आम आदमी पार्टी में घमासान बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि पिछले दिनों पार्टी विधायक अमानतुल्‍लाह खान के निलंबन की वापसी के बाद इसका विरोध करते हुए वरिष्‍ठ नेता कुमार विश्‍वास ने कहा था कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके राज्‍यसभा जाने के रास्‍ते में रोड़ा अटकाया जा सके. राज्‍यसभा जाने के संदर्भ में उन्‍होंने पिछले दिनों कहा भी कहा था, ''मनुष्‍य होने के नाते मेरी भी इच्‍छाएं हैं.'' 

उल्‍लेखनीय है कि जून में अमानतुल्‍लाह खान ने कुमार विश्‍वास को 'आरएसएस एजेंट' कह दिया था, उसके बाद कुमार विश्‍वास के विरोध के चलते खान को निलंबित कर दिया था और कुछ दिन पहले ही उनका निलंबन वापस लिया गया है.

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