शी और मैं दुनिया की हर दिक्कत कर सकते हैं दूर: ट्रंप
बता दें कि चीन आने से पहले ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से पेइचिंग को सख्त संदेश दिया था।


पेइचिंग : अमेरिका के राष्ट्रपति एशिया में अभी तक भारत को अहम सहयोगी मानते आए हैं लेकिन अपने एशियाई देशों के दौरे में चीन पहुंचे ट्रंप ने लंबी बैठक के बाद कहा है कि उन्हें ऐसा लगता है कि शी चिनफिंग और वह मिलकर संभवतः दुनिया की सारी दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। ट्रंप ने चिनफिंग के साथ बैठक के दौरान कहा, 'मैं आशा करता हूं कि अगले कई सालों तक हमारी सफलता और दोस्ती से न सिर्फ हमारी दिक्कतों का समाधान होगा, बल्कि दुनिया की दिक्कतें और बड़े खतरों और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी दूर होगी।' ट्रंप ने आगे कहा, 'मुझे लगता है कि हम इनमें से अधिकांश दिक्कतें सुलझा लेंगे और संभवतः सभी दिक्कतें दूर कर देंगे।' 

चीन दौरे के दूसरे दिन पर ट्रंप ने शी के साथ कई मसलों पर चर्चा की। इस दौरान ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियरों को विस्तार देने के मामले पर भी चीन से चर्चा की,साथ ही दोनों देश के बीच व्यापार भी एक बड़ा मुद्दा रहा।

ट्रंप ने कहा, 'शी को लगता है कि उत्तर कोरिया को लेकर हल निकल सकता है।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में आई खटास भी दूर हो सकती है। दूसरी तरफ शी ने कहा, 'अमेरिका-चीन के रिश्ते नए इतिहास रचने की शुरुआत कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि चीन अमेरिका के साथ पारस्परिक सम्मान के साथ काम करना चाहता है, जिससे दोनों देशों को फायदा हो। शी बोले कि वह आपसी सहयोग बढ़ाने और दूरियों को मिटाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। 

बता दें कि चीन आने से पहले ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से पेइचिंग को सख्त संदेश दिया था। ट्रंप ने कहा था, 'सभी जिम्मेदार देशों को उत्तर कोरिया को अलग-थलग करने में मदद करनी चाहिए। अगर आप समर्थन नहीं कर सकते तो आप निर्यात भी नहीं कर सकते।' ट्रंप ने कहा था कि चीन और रूस सहित सभी देशों को उत्तर कोरिया पर लगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को पूरी तरह से लागू करना चाहिए। 

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