UN में PAK के बयान पर भारत का जवाब- 'मानवाधिकार छीनने वालों को मानवता की फिक्र!'
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नई दिल्ली, संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के भड़काऊ बयान के बाद भारत सरकार ने 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए यूएन में पाकिस्तान को जवाब दिया है. जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर पाकिस्तान के बयान पर जवाब देते हुए भारत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वास्तविक समस्या आतंकवाद है. जिसे पाकिस्तान और इसके अधीन क्षेत्रों की वजह से पनपने में मदद मिलती है.

विदेश मंत्रालय में अवर सचिव (बांग्लादेश) मिनी देवी कमाम ने 'राइट टू रिप्लाई' के तहत पाकिस्तान को यह जवाब दिया है. उन्होंने कहा, " भारत के राज्य जम्मू-कश्मीर के आंतरिक मामलों को लेकर पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र में दिए गए बयान की भारत कड़ी निंदा करता है. काउंसिल को यह ध्यान रखना चाहिए कि मानव अधिकार को लेकर संदेहास्पद बयान उस देश की तरफ से आया है, जो खुद लगातार बलूचिस्तान, सिंध, खैबर और पख्तूनख्वा शहर में मानव अधिकारों का हनन करता रहा है. मानवता के प्रति चिंता करने के बहाने पाकिस्तान अपनी धरती पर दरअसल, आतंकवादियों और आतंकवाद को पनाह देने का काम कर रहा है."

मिनी देवी कमाम ने कहा, "आतंकवाद संभवत: मानव अधिकारों के लिए सबसे बड़ा खतरा है. जम्मू-कश्मीर की वास्तविक समस्या आतंकवाद ही है, जिसे पाकिस्तान अपनी धरती और अपने अधीन क्षेत्र से 'बैकअप' दे रहा है."

मिनी देवी कमाम ने कहा कि विभाजित करने की राजनीति से बचते हुए पाकिस्तान को चाहिए कि वह आतंकवाद को खत्म करने में सहयोग दे.

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आए दिन हो रहे हिंसक घटनाओं को लेकर हाल ही में पाकिस्तान ने बयान दिया था. पाकिस्तान ने कहा था कि ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली को लेकर गंभीर नहीं है. राज्य में मानव अधिकारों का हनन हो रहा है, लेकिन हिंदुस्तान की सरकार कोई प्रभावी कदम नहीं उठाना चाहती.

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