ट्रंप की वह नीति, जो बच्चों को मां-बाप से जुदा करवाती है
ट्रंप प्रशासन की सीमा पर बच्चों को मां-बाप से अलग करने की इस नीति की संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी निंदा की है


वॉशिंगटन : किसी बच्चे को उसके मां-बाप से अलग कर देने की कल्पना मात्र से ही दिल बैठ जाए तो फिर अमेरिका अपनी सरहद पर बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है? ट्रंप प्रशासन की सीमा पर बच्चों को मां-बाप से अलग करने की इस नीति की संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी निंदा की है और साथ ही फर्स्ट लेडी मेलानिया ने भी आपत्ति जताई है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों अमेरिका ऐसा कर रहा है... 

दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने अवैध प्रवासियों को लेकर सीमा पर 'जीरो टॉलरेंस' की आव्रजन नीति अपनाई है। इस नई नीति के तहत अमेरिका में अवैध तौर पर घुसने वाले प्रवासियों पर कानूनी कार्रवाई होती है और उन्हें जेल तक भेजा जाता है। इस नीति का सबसे ज्यादा असर मेक्सिको से आने वाले प्रवासियों पर पड़ रहा है। 

चूंकि बच्चों को जेल में नहीं रखा जा सकता इसलिए उन्हें मां-बाप से अलग कर दिया जाता है और उन्हें खास तरह के कस्टडी केंद्रों में रखा जाता है। हालांकि, ट्रंप ने अपने इस नियम का बचाव करते हुए कहा है कि वह अमेरिका को एक शरणार्थी कैंप में नहीं बदलने देंगे। 

होमलैंड सुरक्षा विभाग के अनुसार , राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की जीरो टॉलरेंस आव्रजन नीति के तहत इस साल 19 अप्रैल से 31 मई के बीच करीब 2000 बच्चों को उनके माता-पिता और अभिभावकों से अलग करके विशेष केंद्रों में रखा गया है। ऐसे ज्यादातर केंद्र अस्पताल, गोदाम इत्यादि की पुरानी पड़ चुकीं इमारतें हैं। एक केंद्र रेगिस्तान में तंबू डाल कर बनाया गया है। 

'पापा-पापा' वाले ऑडियो ने बढ़ाई मुश्किलें 
इस बीच बीच अपने मांप-बाप से दूर कस्टडी केंद्र में बंद एक छोटे बच्चे के रोने का ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो के वायरल होने से इस विषय पर विवाद और गहरा गया है।ऑडियो में सुना जा सकता है कि एक बच्चा स्पेनी भाषा में 'पापा, पापा चीख रहा है। यह ऑडियो सबसे पहले गैर-लाभकारी संगठन (एनजीओ) प्रो-पब्लिका के पास आया था और बाद में 'एपी' को मिला। 

फोटो हुई थी वायरल 
12 जून को एक छोटी सी बच्ची का सीमा पर रोते हुए चेहरे वाला फोटो ट्रंप प्रशासन की इस नीति का प्रतीक बन गया। यह फोटो एक 2 साल की बच्ची है, जो होंडुरास की रहने वाली है। बच्ची की मां को अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर हिरासत में ले लिया गया, जिसके बाद वह रोती दिख रही है। 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने किया विरोध 
ट्रंप की आव्रजन नीति की बढ़ती आलोचना के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरस ने कहा कि बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर उन्हें प्रताड़ित नहीं करना चाहिए। शरणार्थियों और प्रवासियों से हमेशा आदर एवं गरिमा के साथ और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार व्यवहार करना चाहिए। 

डेमोक्रैट्स ने कहा, 'बच्चों को परिवार से अलग करना बंद करो' 
राट्रंप को अपनी विवादित आव्रजन नीतियों के कारण बुधवार को संसद भवन में डेमोक्रैटिक सदस्यों की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा। संसद भवन में अमेरिकी नेता का बड़े पैमाने पर विरोध दुर्लभ घटना है। आव्रजन नीति पर चर्चा के लिए रिपब्लिकन सांसदों से ट्रंप करीब 45 मिनट तक घिरे रहे, उसके बाद वह बैठक के कमरे से बाहर चले गए। इस बीच डेमोक्रैट सदस्य हंगामा मचाते रहे। डेमोक्रैट सदस्य इस बात से नाराज हैं कि मेक्सिको से सीमा पार करके अमेरिका आने वाले लोगों से उनके बच्चों को अलग कर दिया जाता है और इस पीड़ा का सामना कर रहे बच्चों की संख्या हजारों में है। दक्षिण कैलिफॉर्निया से डेमोक्रैट सदस्य जुआन वारगस चिल्ला रहे थे, ‘बच्चों को अलग करना बंद करें, वह बच्चों को अलग कर रहे हैं।’ उनके हाथों में एक तख्ती थी जिस पर लिखा था, ‘परिवार एकसाथ होता है। श्रीमान राष्ट्रपति क्या आपके बच्चे नहीं हैं?’ 

मेलानिया भी किया विरोध
बहुत कम देखा जाता है जब मेलानिया इस तरह के नीतिगत मुद्दों पर अपनी राय जाहिर करती है। यह नीति उन्हें इस कदर खटकी कि अपनी प्रवक्ता के जरिए उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से अलग होते देखने से उन्हें नफरत है। मेलानिया की संचार निदेशक स्टेफनी ग्रिशैम ने यह भी कहा कि मेलानिया उम्मीद करती हैं कि सफल आव्रजन सुधार के लिए दोनों पक्ष साथ आएंगे।

अधिक विदेश की खबरें