ट्रंप को भेजा संदिग्ध लिफाफा, सायनाइड से 6000 गुना जहरीला पदार्थ होने का शक
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पेंटागन को लिखे गए एक पत्र में जानलेवा विषैला पदार्थ राइसिन होने का संदेह जताया गया है. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार अमेरिका की खुफिया सेवा ने बताया कि उसे सोमवार को ट्रंप को संबोधित करके लिखा गया एक 'संदिग्ध लिफाफा' मिला. उसी दिन पेंटागन के जांच केंद्र में उसे लिखे गए कम से कम दो संदिग्ध लिफाफे मिले.

खुफिया सेवा ने कहा, "लिफाफा न तो व्हाइट हाउस में लिया गया और न ही उसे व्हाइट हाउस में लाया गया."

पेंटागन के प्रवक्ता क्रिस शेरवुड ने कहा, "हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि हम इस मामले की जांच करने के लिए अपने कानून लागू करने वाले साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं." अधिकारियों ने बताया कि जांच केंद्र में 'कुछ संदिग्ध लिफाफों का पता लगा.' उन्होंने बताया कि इनमें राइसिन जहर होने का संदेह है.

उन्होंने बताया कि अधिकारी इन लिफाफों में राइसिन होने की पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं. पेंटागन पुलिस ने इस मामले की जांच एफबीआई को सौंप दी है.

एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि ये पत्र रक्षा मंत्री जिम मैटिस और नौसेना प्रमुख एडमिरल जॉन रिचर्डसन को लिखे गए थे.

पेंटागन में आने वाले पत्रों की जांच के लिए केंद्र मुख्य इमारत से बाहर है. वहां के कर्मचारी राइसिन के संदेह में पत्रों की जांच के लिए सफेद रंग के सुरक्षात्मक सूट पहनते हैं. राइसिन का इस्तेमाल आतंकवादी साजिश में किया जाता है.

सीएनएन ने संयुक्त संघीय जांच की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से कहा कि व्हाइट हाउस और पेंटागन को भेजे गए पत्र आपस में संबद्ध है और उनमें कास्टर ऑयल के बीज से उत्पादित पदार्थ (राइसिन) है. अधिकारी पुष्टि न हो जाने तक इसे तकनीकी तौर पर राइसिन नहीं बता रहे हैं.

राइसिन को अगर निगला, सुंघाया या इंजेक्शन के रूप में दिया जाए तो यह महज कुछ मिनटों में ही जानलेवा साबित होता है. इसका प्रभाव सायनाइड के मुकाबले 6000 गुना ज्यादा होता है.

इससे उल्टी आना, अंदरूनी तौर पर खून का रिसाव और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है जिससे शरीर के अंगों के निष्क्रिय होने या रक्तप्रवाह बंद होने से मौत हो सकती है.

एफबीआई ने एक बयान में कहा, "एफबीआई के विशष एजेंटों ने दोनों संदिग्ध लिफाफों को अपने कब्जे में ले लिया है जो पेंटागन से बरामद मिले. इन लिफाफों की जांच चल रही है."

अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, इससे पहले रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज को लिखे पत्रों में सफेद रंग के पाउडर जैसे पदार्थ के संपर्क में आने के बाद ह्यूस्टन और टेक्सास में दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

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