अमेरिकी राष्ट्रपति हटाने के दावे पर चीन बोला- माइक पेंस का बयान हास्यास्पद
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बीजिंग, चीन ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस का वह बयान खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'चीन राजनीति में दखल दे रहा है और दूसरा अमेरिकी राष्ट्रपति चाहता है.' चीन ने पेंस की इस टिप्पणी को 'गैर जरूरी' और 'हास्यास्पद' बताया है. पेंस ने चीनी सरकार पर अमेरिका और दुनियाभर में अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए आक्रामक सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक अभियान करने का आरोप लगाया.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने शुक्रवार को कहा कि पेंस ने चीन की 'निंदा' की थी. उन्होंने कहा, "चीनी पक्ष इस बयान का दृढ़ता से विरोध क रहा है. अमेरिकी पक्ष की ओर से यह बहुत ही हास्यास्पद है." चुनिंग ने कहा, "अमेरिका ने यह कह कर कि हम उनके आंतरिक चुनाव में हस्तक्षेप करते हैं, सामान्य आदान-प्रदान और सहयोग को कलंकित करने का काम किया है."

चीन के खिलाफ एक असामान्य और आक्रामक भाषण में, उपराष्ट्रपति पेंस ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिकी व्यवसायों, फिल्म स्टूडियो, विश्वविद्यालयों, थिंक टैंक, विद्वानों, पत्रकारों और स्थानीय, राज्य और संघीय अधिकारियों को पुरस्कृत या मजबूर कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया, "सबसे बुरी बातों में से एक यह है कि चीन ने साल 2018 और साल 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में अमेरिकी जनता की राय को प्रभावित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास शुरू किया है...  चीन दूसरा अमेरिकी राष्ट्रपति चाहता है."

गौरतलब है पेंस की टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से चीन पर आरोप लगाने के एक हफ्ते बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन, अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है.  पेंस ने कहा, 'जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा, हमने पाया है कि चीन हमारे आगामी मध्यावधि चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है.'

अमेरिकी खुफिया समुदाय का कहना है कि चीन अमेरिकी राज्य और स्थानीय सरकारों और अधिकारियों को नीति पर संघीय और स्थानीय स्तरों के बीच किसी भी विभाजन का लाभ उठाने की कोशिश में है.

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