ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने के लिए वर्ल्ड बैंक ने दोगुनी की फंडिंग, खर्च होंगे 200 अरब डॉलर
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जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए वर्ल्ड बैंक ने अपने फंड को दोगुना कर दिया है. वर्ल्ड बैंक अब साल 2021 से लेकर 2025 के बीच जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए दो सौ अरब डॉलर खर्च करेगा. इस बात का ऐलान जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) की समिट में किया गया.

एक बयान जारी करते हुए वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि करीब सौ अरब डॉलर सीधे बैंक से फंड किए जाएंगे. जबकि बाकी बचे फंड दो वर्ल्ड बैंक एजेंसी से जुटाए जाएंगे. पोलैंड में करीब 200 देश इस समिट में भाग ले रहे हैं और हर किसी ने यहां जलवायु परिवर्तन से लड़ने पर ज़ोर दिया.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब धरती के तापमान को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं. छोटे और गरीब राष्ट्र जो इसका ज्यादा नुकसान झेलेंगे वे अमीर राष्ट्रों पर दबाव डाल रहे हैं कि वो 2015 में हुए पेरिस समझौते में किये गए वादों को पूरा करें.

पेरिस में तीन साल पहले हुए ऐतिहासिक सम्मेलन में ग्लोबल टेम्परेचर (तापमान) में इजाफे को दो डिग्री सेल्सियस (3.6 डिग्री फारेनहाइट) से नीचे रखने का लक्ष्य निर्धारित करने पर सहमति बनी थी. लेकिन इस बीच इस मोर्चे पर बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिली और दुनिया ने बढ़ते समुद्री जलस्तर के साथ ही जंगलों में भीषण आग, लू और तूफान से ज्यादा नुकसान देखा.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन की कार्यकारी सचिव पैट्रीसिया एस्पीनोसा ने रविवार को बताया, "जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कभी इतना बुरा नहीं था. ये वास्तविकता हमें बता रही है कि हमें इस दिशा में और ज्यादा काम करने की जरूरत है."

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के पूर्व अध्यक्षों ने पोलैंड के शहर कातोवित्स में चल रही वार्ता के बीच एक संयुक्त बयान जारी किया और देशों से आह्वान किया कि वे इन फौरी खतरों से निपटने के लिये...निर्णायक कार्रवाई करें.

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