ग्रीन कार्ड लिमिट खत्म करने की तैयारी में ट्रंप सरकार, इंडियन प्रोफेशनल्स को होगा फायदा
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भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स को आने वाले दिनों में अमेरिकी सरकार की ओर से बड़ी राहत मिल सकती है. दरअसल, अमेरिका के ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास का कार्ड) संबंधी कानून में संशोधन के लिए संसद में एक ही तरह के दो विधेयक पेश किए गए हैं. इनमें हर देश के हिसाब से इस कार्ड पर लगी अधिकतम सीमा (लिमिट) खत्म करने का प्रस्ताव है. अगर ये विधेयक पारित हो गए, तो अमेरिका की स्थायी नागरिकता (ग्रीन कार्ड) का इंतजार कर रहे हजारों भारतीय पेशेवरों को फायदा मिल सकता है.

रिपब्लिक पार्टी के सांसद माइक ली और डेमोक्रेटिक सांसद कमला हैरिस ने सीनेट में बुधवार को फेयरनेस फोर हाई स्किल्ड इमिग्रेंट्स एक्ट पेश किया. इसी तरह का एक अन्य विधेयक फेयरनेस फोर हाई स्किल्ड इमिग्रेंट्स एक्ट (HR 1044) सांसदों जोए लॉफग्रेन और केन बक ने हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में पेश किया. अगर संसद में ये विधेयक पारित हो गए और कानून बन गए तो एच-1बी वीजा धारक हजारों भारतीय पेशेवरों को फायदा होगा.

इस नियम के कारण चीन और भारत जैसे अधिक आबादी वाले देशों के लोगों को दशकों का इंतजार करना पड़ जाता है. हैरिस ने विधेयक पेश करते हुए कहा, 'हम शरणार्थियों का देश हैं और हमारी ताकत हमेशा विविधता और एकता में निहित रही है।'

भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद हैरिस ने इस बिल का समर्थन करते हुए कहा कि उच्च कौशल वाले अप्रवासियों को इसका लाभ मिलेगा. इससे अमेरिकी नागरिकता मिलने में आने वाली दिक्कतें खत्म होगी. इस विधेयक के पास होने पर सबसे ज्यादा फायदा भारतीयों को मिलेगा.

बता दें कि ग्रीन कार्ड वह सुविधा है, जिसे प्राप्त कर कोई भी विदेशी नागरिक कुछ शर्तो के साथ अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकता है और वहां काम कर सकता है. अमेरिका के ताजा इमिग्रेशन संबंधी नियमों ने वहां रहने वाले उच्च दक्षता वाले भारतीय पेशेवरों के सामने दिक्कत खड़ी कर दी है. नए नियमों के अनुसार एच-1 बी वीजा से अमेरिका पहुंचे इन पेशेवरों में से केवल सात प्रतिशत को ही ग्रीन कार्ड मिल सकता है. 

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