भारत में नहीं है शुद्ध हवा-पानी, स्वच्छता की भी नहीं समझ : ट्रंप
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत, चीन और रूस में प्रदूषण और स्वच्छता की भावना नहीं है.


लंदन :  विश्व पर्यावरण दिवस के मौके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत, चीन और रूस में प्रदूषण और स्वच्छता की भावना नहीं है. उनका यह बयान विश्व स्वास्थ्य संगठन की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका में कार्बन उत्सर्जन के मामले में शीर्ष देशों में होने के बावजूद इस देश में औसत वायु प्रदूषण का स्तर भारत, रूस और चीन से बेहतर है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा, 'अगर हम प्रदूषण और स्वच्छता की बात करें तो चीन, भारत और रूस जैसे अन्य कई देशों में हवा साफ नहीं, पानी भी बहुत अच्छा नहीं है, वे अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं.'

ट्रंप ने आगे कहा कि प्रिंस चार्ल्स ने उनके अंदर जलवायु परिवर्तन को लेकर जनून जगाया और वह खुद भी ऐसी दुनिया चाहते थे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अच्छी हो.ट्रंप, प्रिंस चार्ल्स की इस बात से भी खासा प्रभावित हैं कि वह ऐसा विश्व चाहते हैं जो ‘‘भावी पीढियों के लिए अच्छा हो.’’ 

ट्रंप ने 2016 में राष्ट्रपति बनने के बाद से पर्यावरण संबंधी नियमों को वापस लिया है और वह अमेरिका को पेरिस जलवायु संधि से भी बाहर कर चुके हैं. हालांकि ट्रंप ने कहा कि वह पर्यावरण के हितों के प्रति कटिबद्धता को लेकर प्रिंस चार्ल्स से प्रभावित हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति सोमवार से तीन दिन की राजकीय यात्रा पर यहां आए हैं. उन्होंने बकिंघम पैलेस में प्रिंस चार्ल्स के साथ चाय पर बातचीत की. ट्रंप ने बुधवार को प्रसारित साक्षात्कार में ‘आईटीवी’ से कहा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के बेटे चार्ल्स ने जलवायु परिवर्तन विषय पर अच्छी तरह से बातचीत की. ट्रंप ने कहा, ‘‘हम 15 मिनट बातचीत करने वाले थे. लेकिन यह बातचीत डेढ घंटे चली. और ज्यादातर समय वह ही बोले. वह जलवायु परिवर्तन विषय पर संजीदा हैं और मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है, मतलब यह कि मैं यह चाहता हूं, मुझे यह पसंद है.’’

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