पाकिस्तान ने बंद किया कराची एयरस्पेस
पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार को कराची हवाईअड्डे के सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के तीन मार्गों को बंद कर दिया है


इस्लामाबाद : पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बुधवार को कराची हवाईअड्डे के सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के तीन मार्गों को बंद कर दिया है। पाकिस्तान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने नोटिस टु एयरमेन जारी करके बंदरगाहों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। पाकिस्तान भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसे कदम उठा रहा है लेकिन सीसीए ने इस बात से इनकार किया है। संभावना यह भी जताई गई है कि पाकिस्तान कराची के पास अपने सोनमियानी टेस्ट रेंज से मिसाइल का परीक्षण करने वाला है। यह फैसला ऐसे समय में किया गया है जब पाकिस्तान कश्मीर पर भारत के फैसले से बौखलाया है और उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। 

इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि वह भारतीय उड़ानों के लिए देश के विमानन क्षेत्र के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी लगाने पर विचार कर रही है। इस पाबंदी से कराची के ऊपर तीन मार्गों का इस्तेमाल कर रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ेगा। पायलटों को कराची को पार करने के लिए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। प्राधिकरण ने ‘नोटिस टू एयरमैन’ में कहा है कि यह चार दिवसीय पाबंदी एक सितंबर को खत्म होगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने मंगलवार को ट्वीट किया था कि प्रधानमंत्री इमरान खान भारत के लिए विमानन क्षेत्र पर पूर्ण पाबंदी पर विचार कर रहे हैं। 

पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को भारत को उड़ान के लिए देश के विमानन क्षेत्र और अफगानिस्तान के साथ व्यापार के लिए भू-मार्ग का इस्तेमाल करने से रोकने के विचार पर चर्चा की थी। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे। पाकिस्तान ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बाद फरवरी में अपना विमानन क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था। उसने नई दिल्ली, बैंकाक और कुआलालंपुर को छोड़कर बाकी उड़ानों के लिए 27 मार्च को अपना विमान क्षेत्र खोला था। 

15 मई को पाकिस्तान ने भारत की उड़ानों के लिए अपनी विमानन क्षेत्र पाबंदी 30 मई तक के लिए बढ़ा दी थी। उसने 16 जुलाई को अपना विमानन क्षेत्र सभी नागरिक यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया था। भारत द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के लिए अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने विरोध में भारत के साथ राजनयिक संबंध घटाते हुए भारतीय राजदूत को वापस भेज दिया था। उसने भारत के साथ अपना व्यापार भी अस्थायी रूप से रोक दिया था। उसने ट्रेन एवं बस सेवाएं भी रोक दी। दरअसल पाकिस्तान की बेबुनियाद बातों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने की वजह से वह ऐसे कदम उठा रहा है। 

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