मुश्किल में इमरान खान, आजादी मार्च पर PAK सेना ने छोड़ा साथ
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि आजादी मार्च एक राजनीतिक गतिविधि है और सेना का इससे कोई लेना-देना नहीं है।


इस्लामाबाद :पाकिस्तान में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है ऐसा वहां की आवाम का मानना है पाकिस्तान में इमरान खान के खिलाफ चल रहे आजादी मार्च पर अब तो सेना ने भी साथ छोड़ दिया है। सेना ने साफ कहा है कि इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार और विपक्ष के बीच इस मार्च के लिए मध्यस्थता नहीं करेगी। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि आजादी मार्च एक राजनीतिक गतिविधि है और सेना का इससे कोई लेना-देना नहीं है। 

पाकिस्तान सेना के जनरल गफूर ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों से निपटने के लिए व्यस्त थी जो जेयूआई-एफ की आजादी मार्च जैसी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल थी।मेजर जनरल गफूर ने यह पूछे जाने पर कि क्या सेना प्रमुख पीटीआई के नेतृत्व में चल रहे में मध्यस्थता करेंगे या नहीं, उन्होंने कहा, ' हम राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा संबंधी मामलों में व्यस्त हैं और इन आरोपों का जवाब देना चाहते हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में पिछले 6 दिनों से जारी आजादी मार्च का उद्देश्य इमरान खान के इस्तीफे की मांग को लेकर है, जिन्हें पाकिस्तान में सरकार बनाए अभी बस एक साल से अधिक का समय हुआ है। फजलुर रहमान उर्फ मौलाना डीजल के अनुसार आजादी मार्च  संविधान, लोकतंत्र और पाकिस्तान के लिए निकाला जा रहा है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के खिलाफ हो रहा आजादी मार्च देश के सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शन है। आजादी मार्च ने 2014 में नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली तत्कालीन पाकिस्तान सरकार में धरना देने वालों की संख्या को पार कर दिया है।

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