1000 अमेरिकी सैनिक कुवैत भेजे गए
अमेरिका ने 1000 मरीन को कुवेत भेजा है जो आरक्षित बल के रूप में रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आक्रमण इनका इस्तेमाल किया जाएगा।


वाशिंगटन : सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों से चल रही लड़ाई में अमेरिका समर्थित लड़ाकों की मदद के लिए अमेरिका ने 1000 मरीन को कुवेत भेजा है जो आरक्षित बल के रूप में रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आक्रमण इनका इस्तेमाल किया जाएगा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने कहा कि खास तौर पर सीरिया के राका में इस्लामिक स्टेट (आईएस) को पराजित कराने के लिए अमेरिका ने समुद्री कोर तोपखाना बैटरी भेजी है। 

अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि 11 वें मरीन एक्सपीडशनरी यूनिट के जवान सीरिया की बाहरी चौकी पर 155 एमएम होवित्जर की बैटरी तैनात कर रहे है और राका में हमले तेज करने के लिए अपना मिशन शुरू करने हेतु मरीन पूरी तरह से तैयार हैं। इस कदम को सीरिया में तैनात पारंपरिक अमेरिकी सेना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि सीरिया में अमेरिका ने अपने सैनिकों की संख्या सीमित कर ली है। फिलहाल 500 अमेरिकी सेना वह हैं जो सीरियाई लोकतांत्रिक बल को प्रशिक्षण देने का काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक तोपखाना की तैनाती में कुछ समय लगेगा और यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई रणनीति का हिस्सा नहीं है । 

उन्होंने ने हाल में आईएस के खिलाफ लड़ाई तेज करने की बात कही थी। विदित हो कि अमेरिका समर्थित लड़ाके धीरे-धीरे राका की ओर बढ़ रहे हैं और तोपखाना की तैनाती से उन्हें मदद मिलेगी। इस शहर को आईएस खिलाफत की राजधानी माना जाता है। आईएस के पुराने गढ़ मनबी में विद्रोही गुटों के बीच लड़ाई रोकने के लिए पेंटागन ने अतिरिक्त बल भेजे थे। अमेरिका समर्थित लड़ाकों ने वहां से जिहादियों को पहले ही खदेड़ दिया था। अमेरकी अधिकारियों के मुताबिक राका की कुल आबादी तीन लाख है और वहां 4000 जिहादी छिपे हुए हैं। 

अधिक विदेश की खबरें