राजस्थान के भारतीय गांव का नाम डोनाल्ड ट्रंप, जानें क्या है पूरा मामला
विभाग के पास किसी गांव का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर रखने का कोई प्रस्ताव नहीं है.


वाशिंगटन : भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों के तहत सामाजिक कार्यकर्ता एवं सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिन्देश्वर पाठक ने एक भारतीय गांव का नाम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखने की घोषणा की है. हालांकि राजस्थान सरकार ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया है. राजस्थान सरकार के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव आलोक ने जयपुर कहा, किसी गांव का नाम बदलना सरकार का काम होता है और उसके लिए एक प्रक्रिया है. 

विभाग के पास किसी गांव का नाम अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर रखने का कोई प्रस्ताव नहीं है. पाठक ने जो कहा है, मुझे उस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है. मेवात क्षेत्र अलवर जिले में है और अलवर के जिला कलेक्टर राजन विशाल ने भी कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है. विशाल ने कहा, किसी गांव का नाम बदलने की शक्ति सरकार के पास होती है और कोई निजी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता.

सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख पाठक ने एक समारोह में कहा, मैं भारत के एक गांव का नाम ट्रंप विलेज रखने की घोषणा करता हूं. यह गांव राजस्थान के मेवात क्षेत्र में बसाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है. 

स्थानीय समुदाय और राजनेताओं को प्रस्तुतिकरण देते समय पाठक ने कहा कि वह बड़े पैमाने पर लोगों को सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराने और मनुष्यों द्वारा मैला ढोने की प्रथा का अंत करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने अपने भाषण में भारतीय अमेरिकी समुदाय से भारत में स्वच्छता और सफाई का लक्ष्य हासिल करने में मदद करने की अपील की.

अधिक विदेश की खबरें