अफगानिस्तान: तालिबान को हराकर ISIS ने ओसामा का गढ़ रहे तोरा बोरा पर किया कब्जा
तोरा बोरा की गुफाएं और पहाड़ियां सामरिक तौर पर काफी अहम मानी जाती हैं।


काबुल : एक ओर जहां इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) को जबर्दस्त हार मिल रही है, वहीं कई अन्य हिस्सों में वह तेजी से पैर जमा रहा है। एक समय में अफगानिस्तान की तोरा बोरा पर्वत श्रृंखला अल कायदा के आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन का गढ़ मानी जाती थी, उसपर अब ISIS ने अपना कब्जा जमा लिया है। तोरा बोरा अफगानिस्तान के पूर्वी नानगरहार प्रांत में स्थित है। अफगान अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पिछले कुछ समय से ISIS अफगानिस्तान में लगातार मजबूत हो रहा है। ISIS यहां 2015 से ही तालिबानी लड़ाकों को खदेड़कर उनकी जगहों पर कब्जा कर रहा है। अफगानिस्तान में ISIS का विस्तार न केवल अफगान सरकार के लिए, बल्कि भारत, पाकिस्तान और ईरान के लिए भी काफी परेशान करने वाला घटनाक्रम है। मालूम हो कि भारत अफगानिस्तान में शांति और विकास प्रयासों का एक अहम हिस्सेदार है। 

सैन्य विशेषज्ञों ने पहले भी संभावना जताई थी कि इराक और सीरिया में हारने के बाद ISIS केंद्रीय एशिया में अपनी जड़ें जमाने की कोशिश करेगा। अफगान सरकार पहले ही तालिबान से लड़ रही है अफगान तालिबान के अलाना पाकिस्तान के कई आतंकवादी संगठन भी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं। अब ISIS के आ जाने के बाद आतंकवाद के खिलाफ चल रही यह लड़ाई और मुश्किल बन जाएगी। इन बदलते समीकरणों के बीच अमेरिका भी अपनी नई अफगान नीति तय करने पर विचार कर रहा है। मंगलवार को ही अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पेंटागन को अफगानिस्तान में तैनात किए जाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या तय करने का अधिकार दिया है। 

तोरा बोरा के इस इलाके में कई विशाल गुफाएं हैं। एक समय जब 9/11 के हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में अल-कायदा के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, तब यही गुफाएं ओसामा और उसके आतंकियों के छुपने का ठिकाना बनी थीं। ओसामा और उसके सैकड़ों लड़ाकों ने अमेरिकी हवाई बमबारी से बचने के लिए इन्हीं गुफाओं में शरण ली थी। बाद में वह यहां से पाकिस्तान भाग गया था। इसे अपने नियंत्रण में लेना ISIS की एक बड़ी जीत है। अफगानिस्तान में पहले से सक्रिय कट्टरपंथी तालिबान की भी ISIS के साथ कांटे की टक्कर है। दोनों ही कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा से जुड़े आतंकी संगठन हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके बीच बेहद घातक होड़ लगी है। तोरा बोरा की ये गुफाएं अबतक तालिबान के नियंत्रण में ही थीं। 

नानगरहर के प्रांतीय प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानि ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ISIS ने मंगलवार देर रात इस पहाड़ी श्रृंखला पर धावा बोला। मंगलवार रात और अगले दिन बुधवार को भी काफी देर तक तालिबानी लड़ाकों और ISIS आतंकियों की लड़ाई होती रही। कुछ स्थानीय ग्रामीण भी इस लड़ाई में तालिबान का साथ दे रहे थे। बुधवार तक ISIS ने तोरा बोरा के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। खोगयानि का कहना है कि अभी तक ISIS ओसामा के ठिकाने पर कब्जा नहीं कर सका है। खबरों के मुताबिक, दोनों पक्षों के काफी लोग मारे गए हैं। खोगयानि ने बताया, 'मैं पक्के तौर पर यह बता सकता हूं कि ISIS ने तोरा बोरा के आसपास के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन तोरा बोरा फिलहाल उनके नियंत्रण से बाहर है।' स्थानीय पुलिस का कहना है कि तोरा बोरा में तालिबानियों पर हमले के लिए सैकड़ों की तादाद में ISIS आतंकी यहां पहुंचे थे। 

तोरा बोरा की गुफाएं और पहाड़ियां सामरिक तौर पर काफी अहम मानी जाती हैं। इस जगह पर ISIS को निशाना बनाना मुश्किल होगा, जबकि अफगान सरकार और तालिबान पर हमला करने में उसे काफी सहूलियत मिलेगी। नानगरहर में सेना के पूर्वी कॉर्प्स के प्रवक्ता शिरिन आगा फाकरी ने बताया कि तोरा बोरा पहाड़ियों का ज्यादातर हिस्सा अब ISIS के अधीन है। सेना के मुताबिक, ISIS ने यहां पहाड़ा की चोटियों पर भारी हथियार भी तैनात कर दिए हैं। यहां के स्थानीय ग्रामीण और बाकी लोग घर-बार छोड़कर दूसरे प्रांतों को रुख कर रहे हैं। 

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