अमेरिकी की बमबारी में ISIS सरगना अबू सैयद ढेर
इराक व सीरिया में मुंह की खाने के बाद ISIS अफगानिस्तान में अपना विस्तार करने में लगा है।


काबुल : अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट (ISIS) का सरगना अबू सैयद अमेरिकी हवाई हमले में मारा गया। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने यह जानकारी दी है। पेंटागन की प्रवक्ता डेना वाइट ने एक बयान जारी कर बताया कि मंगलवार को अमेरिकी सेना द्वारा अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में बमबारी की गई थी। यहां ISIS का मुख्यालय है। इसी हवाई बमबारी के दौरान अबू सैयद की मौत हो गई। ISIS सैयद को अपने खोरासान मॉडल (ISIS-K) का आमिर बताता था। 

इस हमले में ISIS के कई अन्य आतंकी भी मारे गए। इराक व सीरिया में मुंह की खाने के बाद ISIS अफगानिस्तान में अपना विस्तार करने में लगा है। पेंटागन का दावा है कि सैयद व अपने अन्य कई आतंकियों की मौत के कारण ISIS को काफी झटका लगेगा और अफगानिस्तान व केंद्रीय एशिया में मजबूत होने की उसकी रणनीति भी प्रभावित होगी। ISIS-K 2015 से ही अफगानिस्तान में सक्रिय है। अफगान सरकार और अमेरिकी सेना के अलावा उसकी सीधी टक्कर यहां पहले से ही सक्रिय तालिबान से भी है। पिछले कुछ समय से तालिबान और ISIS के बीच काफी घातक संघर्ष छिड़ा हुआ है। तालिबान को हराकर ISIS यहां अपना वर्चस्व कायम करना चाहता है। 

पिछले 12 महीनों के दौरान अमेरिकी गठबंधन सेना ने अफगानिस्तान में सैयद सहित 3 बड़े ISIS सरगनाओं को मौत के घाट उतारा है। पेंटागन के मुताबिक, 'जुलाई 2016 में US और अफगान सेना ने ISIS-K के तत्कालीन सरगना हाफिज सईद को मार डाला था। हाफिज की मौत के बाद अब्दल हासिब को इस आतंकी संगठन की बागडोर सौंपी गई। अप्रैल 2017 में हासिब भी मारा गया। उसके बाद अबू सैयद ने ISIS-K की कमान संभाली थी। अब हमने उसे भी मार गिराया है।' अप्रैल में गठबंधन सेना द्वारा की गई कार्रवाई में इस संगठन के कई अन्य बड़े आतंकी और लगभग 35 लड़ाके मारे गए थे। इस ऑपरेशन में 2 अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए। 

पिछले कुछ समय से अमेरिकी गठबंधन सेना अफगानिस्तान के अंदर ISIS को लगातार निशाना बना रही है। अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई कर रही US व NATO सेना के कमांडर जनरल जॉन निकॉलसन का कहना है कि इस साल के अंत तक यहां ISIS का सफाया कर दिया जाएगा। पिछले कुछ समय के दौरान ISIS ने यहां खुद को काफी मजबूत कर लिया है। कुछ ही हफ्तों पहले ISIS ने तालिबान को हराकर तोरा-बोरा की पहाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यही पहाड़ियां अल-कायदा के पूर्व सरगना ओसामा बिन लादेन का ठिकाना थीं। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद जब अमेरिका ने अफगानिस्तान पर अटैक किया, तो ओसामा और उसके साथी आतंकी इन्हीं पहाड़ियों में छुप गए थे।

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