बेलहर के बीच मोदी का चेहरा

बेलहर के बीच मोदी का चेहरा

निश्चित तौर पर इस बार कोई लहर नही है। मतदान का अंतिम चरण उल्टी गिनती गिन रहा है। विपक्षी कई हिस्सों में विभाजित है। प्रधानमंत्री पद के लिए कोई स्पष्ट चेहरा जनता के सामने नही है। इसका पूरा पूरा फायदा उठाने के लिए भाजपा ऐड़ी चोटी का जोर लगाए है। ऐसे में भाजपा गठबंधन का सुस्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री पद पर एक बार फिर मोदी को बागडोर सौपने का निर्णय निश्चित तौर से विपक्षियों के लाख दावों के बावजूद ताकत दे रहा है। 17वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव की कमी या खासियत यह है कि इस बार किसी की लहर नहीं है। जनता का रुझान भी स्पष्ट नहीं है। किसी भी दल या गठबंधन की जीत को लेकर कोई दावा करना मुश्किल है।

15-May-2019