दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार को एनजीटी की फटकार
एनजीटी ने पिछले 21 नवंबर को दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ जुर्माना लगाएं। एनजीटी


नई दिल्ली : नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक्शन प्लान न सौंपने पर दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई है। एनजीटी ने कहा कि वायु प्रदूषण की स्थिति खराब से अति खराब हो गई है और आप एक्शन प्लान नहीं सौंप रहे हैं। आप अगले 48 घंटे में एक्शन प्लान लेकर आएं। मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।

एनजीटी ने पिछले 21 नवंबर को दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ जुर्माना लगाएं। एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि जो जुर्माना नहीं दे रहे हों उन्हें एनजीटी में पेश होने के लिए नोटिस दें और उनके खिलाफ अतिरिक्त जुर्माना लगाएं। एनजीटी ने कहा था कि जो भी कचरा जलाते हुए या निर्माण गतिविधियों के दौरान धूल उत्सर्जन करते पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पहले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार और नगर निगमों ने कहा था कि एनजीटी के आदेश के मुताबिक उन्होंने उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। लेकिन उनमें से कई ने पर्यावरण जुर्माना देने से मना कर दिया। इसके बाद एनजीटी ने ये आदेश जारी किया। एनजीटी ने कहा कि जो भी पर्यावरण जुर्माना देने से मना करता है उस पर अतिरिक्त जुर्माना लगाकर एनजीटी में पेश होने का नोटिस दें। 

एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुंचने पर निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि अगर एनसीआर में कोई भी इसका उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ पर्यावरण जुर्माना लगाया जाएगा। एनजीटी ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया था कि वो ऐसा एक्शन प्लान बनाएं जो कि जैसे ही प्रदूषण का स्तर पीएम2.5 300 और पीएम 10 500 पार करे वो लागू हो जाये।


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