बवाना हादसा: एक माँ ने अपनी बेटी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को खो दिया
हमारा परिवार बर्बाद हो गया है क्योंकि हमने इस हादसे में एक अन्य रिश्तेदार को भी खो दिया.


नई दिल्ली : सोनी की मां अधिकारियों की इस बात से सहमत नहीं है कि 20 जनवरी को बवाना की एक पटाखा फैक्ट्री में लगी आग में 17 लोग मारे गए. उनका कहना है कि इस त्रासदी में 18 लोगों की मौत हो गई, जिसमें उनकी बेटी का अजन्मा बच्चा भी शामिल है. 21 वर्षीय सोनी का परिवार उनके पहले बच्चे के जन्म का बेसब्री से इंतजार कर रहा था लेकिन बच्चे की शक्ल देखने के बजाय उन्हें इस हादसे में मारी गई गर्भवती कामगार के शव की पहचान करने के लिए कहा गया. एक अन्य इकाई में फैक्ट्री की मजदूर सोनी की मां ने बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल के शवगृह के बाहर रोते हुए बताया, ‘शनिवार को आग की घटना में मेरे नाती समेत 18 लोगों की मौत हुई. हम सोनी के पहले बच्चे का उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे लेकिन सबकुछ खत्म हो गया.’

'सोनी ने दो दिन पहले ही नौकरी ज्वाइन की थी'
सोनी के भाई बाबू राम ने बताया कि सोनी का पति अपने गांव सीतापुर गया हुआ था और इस खबर की सूचना देने के बाद वह वापस लौट रहा है. बाबू राम ने कहा, ‘उसे 6000 रुपये के वेतन पर काम करते हुए महज दो दिन ही हुए थे. हमें यह भी नहीं पता था कि यह पटाखों की फैक्ट्री है.’ उन्होंने कहा, ‘वह पांच माह की गर्भवती थी और उसे इस समय आराम करना चाहिए था, लेकिन गरीबी ने उसे काम करने के लिए मजबूर किया.’ राम भी एक फैक्ट्री में काम करता है और वह चाहता है कि मालिक को सजा मिले.

उन्नाव से शव लेने पहुंचे परिजन
उन्होंने कहा, ‘हम पैसा नहीं चाहते. हम ऐसी जगह चाहते हैं जहां हम सुरक्षित काम कर सकें. हमारा परिवार बर्बाद हो गया है क्योंकि हमने इस हादसे में एक अन्य रिश्तेदार को भी खो दिया.’ इस हादसे मे सोनी की ननद सुखदा (42) की भी मौत हो गई. शवगृह के बाहर कई मृतकों के परिवारों को देखा जा सकता है जो अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन को तरस रहे हैं.

इस हादसे में मारे गए सात पुरुषों में से एक सूरज सिंह (22) का परिवार उन्नाव से उसका शव लेने आ गया है. मृतक की मां ने बताया कि उन्होंने करीब दो साल से अपने बेटे को नहीं देखा था जब से वह यहां काम कर रहा था. उन्होंने कहा, ‘मैं उसे फिर कभी नहीं देखूंगी.’ रोते-रोते यह कहते हुए वह गिर पड़ी. इस हादसे में 10 महिलाओं समेत 17 लोगों की मौत हो गई.

अब तक नहीं हुई शवों की पहचान
अभी तक 14 मृतकों की पहचान - रोहित, संजीत, सुखदा, खुसना, सोनी, सूरज, रवि कांत, बेबी देवी, अफसाना, सोनम, रीता, मदीना, रज्जो और निरीक्षक अजीत रंजन के रूप में हुई है. दो पुरुष और एक महिला के शव की अभी तक पहचान नहीं की जा सकी. पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है.


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