लोकसभा के बाद राज्य सभा में एससी, एसटी संशोधन विधेयक पास
लोकसभा के बाद राज्य सभा में एससी, एसटी संशोधन विधेयक पास


नई दिल्ली। लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी एससी,एसटी संशोधन विधेयक पास हो गया है। यह विधेयक उच्चतम न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध लाया गया था। इस विधेयक पर चर्चा करते हुए सामाजिक अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने बताया कि मोदी सरकार गरीबों, पिछड़ों के हितों के लिए हमेशा के लिए प्रतिबंद्ध है। उन्होंने कहा कि हम समाज के पिछड़े वर्ग के प्रति जो प्रतिबद्धता है वह किसी के दवाब में नहीं आई है। उन्होंने सभी सांसदों से विधेयक का समर्थन कर कानून को और मजबूत बनाने का आग्रह किया। 

शिवसेना सांसद संजय राउत ने बताया कि मैं डॉ.अंबेडकर, बाबा फुले के प्रदेश से आता हूं । हमारी पार्टी शिवसेना से ज्यादा सामाजिक न्याय-समता के बारे में शायद ही कोई जानता होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को लेकर आज भी महाराष्ट्र बंद हो गया है। उन्होंने पासवान के उस बयान पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि शिवसेना को दलित विरोधी नहीं वह तो इस बिल का समर्थन करने वाली पार्टी बताया। इसके बाद राज्यसभा में भी एससी,एसटी संशोधन विधेयक पास हो गया है।


आपको बताते जाए कि यह संशोधित बिल में उन सभी पुराने प्रावधानों को शामिल कर लिया गया,जिसे उच्चतम न्यायालय ने अपने एक आदेश से हटा दिया था। एससी और एसटी के लोगों पर होने वाले अत्याचार और उनके साथ होने वाले अस्पृश्यता को रोकने के मकसद से एससी , एसटी (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम, 1989 बनाया गया था।


इसके तहत एससी , एसटी के लोगों को समाज में एक समान दर्जा दिलाने के लिए कई प्रावधान किए गए। इन पर होने वाले अत्याचारों की सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था की गई ताकि ये अपनी बात खुलकर कह सकें। इस एक्ट के तहत किसी को जाति को आधार बनाते हुए उस अपमानित करने को गैर जमानती अपराध माना गया है।



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