माया-जोगी के गठबंधन से बिगड़ा कांग्रेस का 'खेल', बीजेपी को मिलेगा सीधा लाभ
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चुनावी साल में छत्तीसगढ़ की राजनीति में गुरुवार को बड़ी हलचल हुई है. छत्तीसगढ़ में तीसरे मोर्चे के रूप में उभरकर सामने आई पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर लड़ने का ऐलान किया है. इस गठबंधन ने राजनीतिक दलों में चर्चाओं का दौर गर्म कर दिया है. गठबंधन के राजनीतिक नफे व नुकसान के आंकलन लगने शुरू हो गए हैं.

बसपा और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के गठबंधन में सरकार बनती है तो अजीत जोगी मुख्यमंत्री होंगे. कुल 90 विधानसभा सीटों में 55 पर जोगी और 35 सीटों पर बसपा चुनाव लड़ेगी. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में इस गठबंधन का ऐलान हुआ है. पहले चर्चा थी कि जोगी की पार्टी से 60 और बसपा से 30 प्रत्याशी मैदान में होंगे, लेकिन बाद में 55-35 के आंकड़े पर दोनों में सहमति बन गई.

माया-जोगी के गठबंधन को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका इसलिए भी माना जा रहा है. क्योंकि कांग्रेस के बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की चर्चाएं हो रही थीं. साल 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बीजेपी से कुल वोटों के करीब 0.97 प्रतिशत वोटों से हार मिली थी. जबकि इसी चुनाव में बसपा को करीब 5 प्रतिशत वोट मिले थे.

इस गठबंधन के ऐलान के तुरंत बाद ही अलग अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं. छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि मायावती व जोगी की पार्टी के गठगंधन से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. इसका सीधा लाभ बीजेपी को मिलेगा. क्योंकि वोटों का ध्रुवीकरण होगा. इसके अलावा दोनों ही पार्टियां कहीं न कहीं कांग्रेस से जुड़ी रही हैं. ऐसे में इनका गठबंधन कांग्रेस को नुकसान और बीजेपी को फायदा देगा.

छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने भी गठबंधन पर अपना बयान दिया है. कौशिक ने कांग्रेस व बसपा के गठबंधन के अटकलों पर तंज कसते हुए कहा कि डूबती नैया पर कोई सवार नहीं होता. इस बार भी प्रदेश में बीजेपी की सरकार बननी तय है.

हालांकि, इस गठबंधन पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का कहना है कि इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. भूपेश बघेल ने कहा कि इससे पहले के चुनाव में अजीत जोगी और बीएसपी बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए उनके सहयोगी के तौर पर काम करती रही है. अब खुलकर दोनों पार्टियां ये काम करेंगी. भूपेश ने कहा कि कांग्रेस से गठबंधन के लिए पहले बसपा की ओर से पहल हुई, लेकिन जैसे ही बसपा नेता पर ईडी और सीबीआई का शिकंजा कसा. बीएसपी तुरंत पलटी मारकर चली गई.


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