किसने बनवाया सिग्नेचर ब्रिज? बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच छिड़ी 'क्रेडिट वॉर'
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दिल्ली में सिग्नेचर ब्रिज पर रविवार को उद्घाटन से पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच हाथापाई हो गई. तिवारी सिग्‍नेचर ब्रिज के उद्धाटन में न्‍योता न दिए जाने से नाराज थे और वहां विरोध प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे थे, जिसके बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके बीच झड़प हो गई.

मनोज तिवारी को उद्घाटन कार्यक्रम का न्योता नहीं दिया गया था लेकिन वह वहां पहुंचे. आमंत्रित न किए जाने पर तिवारी ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी सरकार पर जुबानी हमला बोला था. तिवारी ने एएनआई के हवाले से कहा, 'मेरे निर्वाचन क्षेत्र (उत्तर पूर्व दिल्ली) में मैंने कई वर्षों तक रुके हुए सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण शुरू कराया और अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उद्घाटन समारोह आयोजित कर रहे हैं.'

उन्होंने कहा, 'मैं यहां से सांसद हूं. तो क्या समस्या है? क्या मैं अपराधी हूँ? पुलिस ने मुझे घेर क्यों लिया? मैं यहां केजरीवाल का स्वागत करने के लिए आया हूं. आप और पुलिस ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया है.' तिवारी ने आरोप लगाया कि उद्घाटन के दौरान आप विधायक अमानतुल्ला खान ने उन्हें धक्का दिया और गोली मारने की धमकी दी.

तिवारी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन स्थल पर बीजेपी द्वारा उपद्रव, अप्रत्याशित. इस दौरान दिल्ली पुलिस मूक दर्शक बनी रही. क्या दिल्ली पुलिस का प्रमुख होने के नाते एलजी सिग्नेचर ब्रिज पर शांति और व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं?'

वहीं आप के दिलीप पांडे ने भी इसपर बीजेपी को दोषी ठहराते हुए कहा, 'हजारों लोग यहां आमंत्रण पत्र के बिना जश्न मनाने आए हैं, लेकिन सांसद तिवारी खुद को वीआईपी मानते हैं. वह उपद्रव कर रहे हैं. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने आप के स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों को मारा. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.'

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पूरी कोशिश की थी कि सिग्नेचर ब्रिज आप की सरकार के शासनकाल में पूरा न हो सके. उन्होंने कहा, 'अगर मोदी सरकार ने इस पुल में एक इंच का भी योगदान दिया होता, तो मैं काले झंडे दिखाने वाले लोगों की तरह उनके नाम का जप करता. उन्होंने मनोज तिवारी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ ऐसा ही लोग यहां आए थे.

तिवारी पर हमला करते हुए सिसोदिया ने कहा कि अगर वह उद्घाटन के 'बहुत शौकीन' हैं तो उन्हें रचनात्मक रूप से काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार का शासन है कि दिल्ली में निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री को किसी भी उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाता. सिसोदिया ने दावा किया, हमने जानबूझकर तिवारी को आमंत्रित नहीं किया था. क्योंकि सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन में दिल्ली सरकार की ओर से किसी को भी आमंत्रित नहीं किया गया था.

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश को विकास के लिए पुलों, स्कूलों और अस्पतालों की जरूरत है, न कि मंदिरों और मूर्तियों की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'चार दिन पहले दुनिया की 182 मीटर की सबसे ऊंची मूर्ति का अनावरण किया गया था और आज इस 154 मीटर ऊंचे पुल का उद्घाटन किया जा रहा है. देश को तय करना है कि क्या उन्हें मंदिर और मूर्तियां चाहिए या फिर पुल, स्कूलों और अस्पतालों की जरूरत है.'

केजरीवाल ने कहा कि सिग्नेचर ​ब्रिज ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की याद दिला दी. अगर नेहरू ने भेल और सेल जैसी संस्थानों के बजाय मंदिरों और मूर्तियों का निर्माण करना चुना होता तो आज देश तरक्की नहीं कर रहा होता.

इन सबके बीच पूर्वी क्षेत्र के पुलिस कमिश्नर रविंद्र यादव ने कहा कि मुख्य समारोह किसी भी प्रकार की परेशानी के बिना आयोजित किया गया. उन्होंने कहा, 'उद्घाटन के दौरान हमारे कर्मचारियों ने अपना काम अत्यंत संयम और परिश्रम से किया. पुलिस ने दोनों पार्टियों के नेताओं को एक दूसरे से अलग कर दिया और किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होने दी' उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने स्थिति को बहुत ही पेशेवर तरीके से संभाला और किसी को बदसलूकी करने की इजाजत नहीं दी थी.


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