इस खास वजह से आज दोबारा खुलेंगे सबरीमाला मंदिर के पट
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केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर आज यानी सोमवार की शाम विशेष पूजा के लिए खोला जा रहा है. भगवान अयप्पा का ये मंदिर लंबे समय से महिलाओं का प्रवेश वर्जित होने की वजह से विवादों में रहा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के बाद दूसरी बार दर्शन के लिए मंदिर के पट खोले जाएंगे. इसी दौरान विशेष पूजा भी की जाएगी. पूजा बिना किसी बाधा के पूरी हो सके, इसके लिए खास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. आखिर क्या है ये विशेष पूजा और किसलिए इसका इतना महत्व है?

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किलोमीटर दूर 18 पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर साल में कुछ खास दिनों के लिए ही खुलता है. सोमवार का दिन इन्हीं में से एक दिन है. श्री चित्र अत्ता तिरुनल के नाम से की जाने वाली विशेष पूजा त्रावणकोर के आखिरी शासक बलराम वर्मा के जन्मदिन की याद में की जाती है.

साल 1912 से 1991 की जन्मअवधि रखने वाला ये महाराजा कई कारणों से केरल में खास महत्व रखते हैं. ये अपनी धार्मिकता, दूरगामी सोच और उदार स्वभाव के लिए त्रावणकोर की जनता में काफी लोकप्रिय थे. महाराजा वर्मा ने मंदिर की सुरक्षा और समृद्धि में अहम योगदान दिया. इन्होंने ही ख्यात त्रावणकोर यूनिवर्सिटी की स्थापना की. वीमन स्टडीज जर्नल संयुक्ता की रिपोर्ट के अनुसार महाराजा वर्मा के शासनकाल में 40 प्रतिशत राजस्व शिक्षा के लिए दे दिया जाता था.

ऐसे ही कुछ कारणों से मंदिर में राजा का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है. इसके लिए सोमवार को शाम पांच बजे पट खोले जाने हैं. तंत्री कंदारारु राजीवारु और मुख्य पुजारी उन्नीकृष्णन नंबोदरी दोनों मिलकर मंदिर के किवाड़ खोलेंगे. इसके लिए सोमवार को शाम पांच बजे पट खोले जाने हैं. सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी तंत्री कंदारारु राजीवारु और उन्नीकृष्णन नंबोदरी दोनों मिलकर मंदिर का एक -एक किवाड़ खोलेंगे. इसके बाद श्रीकोविल में दीपक जलाकर भगवान अयप्पा की पूजा की जाएगी. अगले दिन रात 10 बजे मंदिर के पट वापस बंद कर दिए जाएंगे.


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