रेड्डी बंधुओं के गढ़ में BJP को बड़ा झटका, बेल्लारी ने 14 साल बाद थामा कांग्रेस का हाथ
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कर्नाटक उपचुनाव के नतीजों पर सभी की नजर टिकी हुई हैं. इस चुनाव को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. यहां बीजेपी के रेड्डी बंधुओं का गढ़ माने जाने वाले बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने बड़े मार्जिन से जीत दर्ज की है. यहां की जनता ने 14 साल बाद कांग्रेस का हाथ थामा है. इससे पहले बीजेपी के बी श्रीरामुलु इस सीट से सांसद हैं.

राजनीतिक पंडित भी बेल्लारी सीट के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं. यहां कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. पूर्व सीएम सिद्धारमैया के करीबी वीएस उग्रप्पा को कांग्रेस-जेडीएस ने अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है. इस सीट पर बीजेपी नेता बी श्रीरामुलु की बहन और पूर्व सांसद जे शांता बीजेपी उम्मीदवार हैं.

बेल्लारी में कांग्रेस और जेडीएस के 100 से ज्यादा नेताओं ने प्रचार किया है. यहां कांग्रेस-जेडीएस का लक्ष्य खनन कारोबारी रेड्डी बंधुओं के वर्चस्व को खत्म करना है. खासबात यह है कि इस सीट पर एचडी देवगौड़ा और सिद्धारमैया दोनों ने ही यहां आक्रामक रूप से प्रचार किया है.

वहीं रेड्डी बंधुओं ने दावा किया है कि बेल्लारी उनका गढ़ है और जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार को यहां से खाली हाथ लौटना पड़ेगा. बता दें कि डीके बेल्लारी के प्रचार प्रभारी हैं.

हालांकि कांग्रेस ने बेल्लारी को गंभीरता से लिया है और यहां बीजेपी को हराने के लिए उसने पूरी ताकत झोंक दी है.


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